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भोपाल सेंट्रल जेल से 8 सिमी सदस्यों की कथित फरारी और फिर कथित एनकाउंटर के बाद आठ में से पांच सिमी सदस्यों का खंडवा में सुपुर्द ए खाक किया गया वहीँ एक सदस्य माजिद को उज्जैन के करीब महिदपुर में सुपुर्द ए खाक किया गया.

अब्दुल माजिद पिता मोहम्मद युसुफ  पेशे से इलेक्ट्रिशियन था. महाराष्ट्र के सोलापुर में हुए विस्फोट में महाराष्ट्र एटीएस ने दिसंबर 2013 में उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी. उसके अगले ही दिन माजिद ने भोपाल में आत्म समर्पण किया था. माजिद तब से ही जेल में था.

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मंगलवार दोपहर माजिद का शव महिदपुर लाया गया. और कड़ी पुलिस सुरक्षा में शाम 4 बजे नमाज ए जनाजा की अदायगी के बाद शाम करीब 6 बजे मुख्य कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया. माजिद के बडे भाई अब्दुल रशीद नागौरी ने इस फरारी और एनकाउंटर दोनों को पूरी तरह से फर्जी बताया.

रशीद  ने कहा कि केंद्रीय जेल की कड़ी सुरक्षा के बीच से कैदी का भागना काफी मुश्कील है. वहीं माजिद के द्वारा जब स्वयं ही सरेंडर किया गया था तो भागने का सवाल ही नहीं उठता. ऐसे में  एनकाउंटर पुरी तरह फर्जी होकर पुलिस की एक गहरी साजिश हैं.

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