cen

भोपाल सेंट्रल जेल से कथित 8 सिमी कार्यकर्ताओं की फरारी के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी चंदन सिंह ने गांधी नगर थाने में इस सबंध में एफआईआर दर्ज कराई.

चंदन सिंह की एफआईआर के अनुसार, “मैं चंदन सिंह भोपाल सेंट्रल जेल में पदस्थ हूं. 30 अक्टूबर को रोजाना की तरह रात 2:00 बजे ड्यूटी पर पहुंचा. मेरे साथ प्रधान आरक्षक रमाशंकर यादव मौजूद थे. मैं और रमाशंकर यादव बी ब्लॉक में तैनात थे. रूटीन की चेकिंग के लिए बैरक नंबर 19 के पास पहुंचा, तो बैरक के पास छुपे तीन आरोपियों ने मुझे पकड़ लिया.

आरोपियों ने मेरा मुंह दबाकर हाथ-पैर कपड़े से बांधे और मुंह पर में कपड़ा ठूंस दिया. इसके बाद मुझे बैरक नंबर 19 में डालकर सभी आरोपी चले गए. कुछ देर बाद दूसरी तरफ से रमाशंकर यादव की चीख सुनाई दी. मुझे पकड़ने वाले आरोपी बैरक नंबर 19, 20 और 21 में बंद थे. करीब 45 मिनट के बाद जेल में तैनात चार पुलिसकर्मी बैरक में आए और मेरे हाथ-पैर को खोला.

इसके बाद हमने बैरक नंबर 13 में जाकर देखा तो रमाशंकर यादव जी मृत अवस्था में पड़े हुए थे और बी ब्लॉक में बंद सभी 8 आतंकी फरार हो चुके थे.

चंदन सिंह की एफआईआर में इस बात का भी खुलासा हुआ कि आरोपियों के फरार होने के दौरान जेल में पहरा दे रहे किसी भी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी को भनक नहीं लगी. जबकि उन्होंने प्रधान आरक्षक रमाशंकर यादव गला रेंत कर हत्या कर दी.

इसके अलावा इस बात का भी खुलासा हुआ कि रमाशंकर की हत्या के बाद पूरे 45 मिनट तक किसी ने बी ब्लॉक में पहरा देना उचित नहीं समझा. वॉच टॉवर पर तैनात पुलिस जवान भी सो रहे थे. इन 45 मिनट में किसी ने भी सायरन नहीं बजाया.

(प्रदेश 18 में छपी रिपोर्ट के अनुसार सह साभार)


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें