अहमदाबाद: स्तरों, डॉक्टरों की किल्लत और सरकारी अस्पतालों में घटिया दवाओं का वितरण गुजरात में सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था की बड़ी समस्या है। इस बात का दावा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में किया गया है।

डॉक्टरों और बेड की किल्लत से ग्रस्त है गुजरात की स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था : CAG रिपोर्टगुजरात विधानसभा में गुरुवार को पेश की गई सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 34 जिला अस्पतालों में 29 से 77 फीसदी विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली हैं। सबसे खराब स्थिति सुरेंद्रनगर, गोधरा, पेटलाद और वडोदरा की है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों के 60 फीसदी से अधिक पद खाली हैं।

और पढ़े -   मदरसे के पानी में जहर मिलाने की घटना थी पूर्व नियोजित: सलमा अंसारी

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘उसी तरह मेडिकल ऑफिसरों के कैडर में 7 से 69 फीसदी, स्टाफ नर्स के सात से 72 फीसदी और पैरा मेडिकल और अन्य कर्मचारियों के 31 से 89 फीसदी पद खाली हैं।’ सीएजी ने कहा कि मार्च 2015 तक जिला अस्पतालों में विभिन्न कैडरों में 898 रिक्तियां थीं। इसमें 214 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद शामिल हैं। इतने बड़े पैमाने पर रिक्ति चिंताजनक है।

और पढ़े -   पीएम मोदी का वाराणसी दौरा, योगी सरकार का हर मदरसे को 25-25 महिलाओं को भेजने का आदेश

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE