नई दिल्ली : कोबरा पोस्ट की एक खोजी रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार ने कई नियमों को ताक पर रखकर एक जमीन से जुड़े प्रोजेक्ट को एक निजी कंपनी को दे दिया गया। इस इन्वेस्टीगेशन में कई सरकारी दस्तावेजों और RTI के आधार पर राज्य सरकार और खासकर शिवराज सिंह चौहान द्वारा 7,000 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट देने पर कई सवाल उठाये गए हैं।
घोटाला : नियमों के विरुद्ध शिवराज ने निजी कंपनी को दे दिया 7,000 करोड़ का प्रोजेक्ट
जिस प्रोजक्ट को लेकर सवाल उठाये गए हैं वह भोपाल के दक्षित टी टी नगर की 15 एकड़ जमीन पर स्थित है। इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य की शिवराज सिंह चौहान ने मई 2017 में कई कंपनियों को बोली के जरिये आमंत्रित किया था जिसमे लगभग 29 कंपनियों ने अपने दस्तावेज जमा किये थे और उनमे से 17 क इसके लिए शोर्टलिस्टेड भी किया गया।
इन कंपनियों में ओरिएण्टल स्ट्रक्चर इंजीनियर्स, DLF लिमिटेड, लार्सन एंड टर्बो, रिलायंस इंजीनियरिंग, यूनिटेक और गैमन इंडिया लिमिटेड कंपनियां शामिल थी लेकिन शिवराज सिंह चौहान द्वारा यह प्रोजेक्ट गैमन इंडिया लिमिटेड को दे दिया गया। बाकी 17 कंपनियों से कहा गया कि उन्होंने समय पर अपने बिडिंग डाक्यूमेंट्स जा नही किये।
कोबरापोस्ट के संवादाता मोहम्मद हिजबुल्लाह ने खुलासा किया कि बिडिंग की इस पूरी प्रोसेस को पक्षपातपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया। सरकार ने इस विशेष परियोजना के लिए सर्किल रेट लगभग आधे की कटौती की, इतना ही नही, पट्टे के कागजों पर गैमन इंडिया की जवाबदेही के बगैर हस्ताक्षर किये गए। जबकि पहले दौर की बोली लगाने में रिलायांस एनर्जी के सफ़र बोली लगाने वालों में शामिल थी। (इंडिया संवाद ब्यूरो)

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