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नवाबों की नगरी लखनऊ के मुसलमानों ने ईद के मौके पर शिया-सुन्नी के मसलें को एक तरफ साथ नमाज अदा कर एक मिसाल पेश की हैं.

मंगलवार को शिया धर्मगुरु मौलाना क़ल्बे सादिक़ और सुन्नी धर्मगुरु मौलाना क़मर आलम की मौजूदगी में एक साथ नमाज़ अदा कर शिया और सुन्नी मुसलामनों ने फिरकापरस्ती को खुद से अलग कर दिया हैं.

इस मौके पर सिब्तेन बाक़री ने कहा कि, ”हम युवाओं की सोच थी कि न सिर्फ़ एक ही धर्म के लोग साथ मिलकर त्योहार मनाएं बल्कि सभी लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शिरक़त करें.”

वहीँ सुन्नी धर्मगुरु मौलाना क़मर आलम का कहना था कि दुनिया का हर धर्म अमन का पैग़ाम देता है लेकिन ये हम लोगों की बदक़िस्मती है कि धर्म के ही नाम पर सबसे ज़्यादा ख़ून-ख़राबा हुआ है.


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