बरेली:  दरगाह प्रमुख हज़रत अल्लामा अश्शाह मोहम्मद सुब्हान रज़ा खाँ सुब्हानी मियाँ की सरपरस्ती और सज्जादा नशीन हज़रत मौलाना मोहम्मद अहसन रज़ा खाँ कादरी की अध्यक्षता में चलने वाले दरगाह के मज़हबी संगठन तहरीके तहफ़्फुज़े सुन्नियत ने बुधवार को बाबरी मस्जिद की शहादत की 25वी बरसी पर जिलाधिकारी बरेली के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय को संबोधित एक 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा.

दरगाह प्रवक्ता मुफ्ती सलीम नूरी ने बताया कि टी0एस0 ने अपने ज्ञापन द्वारा 6 दिसम्बर 1992 में बाबरी मस्जिद शहीद करने वाले लोगों को कानूनी सज़ा देने की माँग की और 6 दिसम्बर को बरेली के मुसलमानों के साथ मिलकर काला दिवस के रूप में मनाया। अपने 6 सूत्रीय ज्ञापन के माध्यम से टी0टी0एस0 ने माँग की कि-

1- बाबरी मस्जिद की शहादत को आज 25 वर्ष होने जा रहे हैं किन्तु अब तक इसको शहीद करने वाले तथा जंगलराज का मुज़ाहिरा करने वाले गुनहगारों और मुजरिमों को आज तक कोई सज़ा नहीं मिल सकी. जल्द से जल्द आरोपियों को सजा दिलाई जाए.

2- बाबरी मस्जिद की सम्पूर्ण भूमि मुसलमानों को सौंपी जाए. साथ ही तत्कालीन प्रधानमंत्री पी. नरसिम्हा राव के मस्जिद के दुबारा निर्माण के वादे को पूरा किया जाए.

3- जिस तरह एक पक्ष को यहाँ पूजा अर्चना करने की इजाज़त दी गयी है उसी तरह मुसलमानो को भी नमाज़ पढ़ने की इजाज़त दी जाये.

4- बाबरी मस्जिद की शहादत के बाद 1992 में पूरे देश के अन्दर सुनियोजि ढंग से मुसलमानों के खिलाफ़ जो दंगे हुये या कराये गये उनकी स्पेशल जाँच सुप्रीम कोर्ट के दो रिटायर्ड जजों की निगरानी में कमेटी बनाकर करायी जाये तथा मुजरिमों को सज़ा दी जाये और दंगो में शहीद होने वाले मुसलमानों को मुआवज़ा दिया जाये.

5- बाबरी मस्जिद की शहादत का दिन हिन्दुस्तान के संविधान, कानून व्यवस्था और न्यायालय के लिये काला दिन और एक कलंक था जिसकी जितनी निन्दा की जाये कम है. अतः इस दिन को शौर्य दिवस या विजय दिवस मनाने वाले संगठनों पर  प्रतिबन्ध लगाया जाये.

6- जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता तब तक बाबरी मस्जिद को पुरानी स्थित में संरक्षण के साथ रखा जाए.

ज्ञापन देने वालो में मुख्य रूप से टी0टी0एस0 के शाहिद खाँ नूरी, परवेज़ खाँ नूरी, अजमल नूरी, औरंगज़ेब नूरी, ताहिर अल्वी, हाजी जावेद खां, शान सुब्हानी, तारिक सईद, मंज़्ाूर खां, यासीन, नईम, मुजाहिद, आसिम हुसैन, स0माजिद, आसिफ़ नूरी, मोहसिन खाँ, काशिफ़, अशरीम, नवेद, आदिल, सय्यद मुदस्सिर अली, फारूक भाई, राशिद मामू, इशरत नूरी, हाजी अब्बास, आले नबी, यूनुस आदि सम्मिलित रहे।


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE