हंदवाड़ा : कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से अशांति का माहौल बना हुआ। उग्र प्रदर्शकारियों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया था और गोली चलानी पड़ी थी। इस गोलीबारी की घटना के बाद तीन लोगों की मौत हो गई थी। यह पूरा मामला मंगलवार को कथित तौर पर एक स्कूली छात्रा के साथ किसी सैनिक के छेड़छाड़ के आरोप के बाद शुरू हुआ था। सेना ने आरोप को नकारते हुए स्कूली छात्रा का एक वीडियो रिलीज किया जिसमें लड़की बता रही है कि किसी सैनिक ने नहीं बल्कि एक स्थानीय युवक ने उसके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की थी। अब पिछले तीन दिनों से यह लड़की पुलिस हिरासत में है।

कश्मीर के हंदवाड़ा में कथित छेड़छाड़ की शिकार लड़की तीन दिनों से है पुलिस हिरासत मेंपिता को भी लिया गया हिरासत में
सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार बीती रात लड़की के पिता को भी पुलिस ने बुलाया था और तब से वे भी पुलिस हिरासत में हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पिता को भी यह कहकर थाने बुलाया था कि वह लड़की को उन्हें सौंपने चाहते हैं लेकिन जैसे ही वह थाने पहुंचे उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। यह बात उनके परिजनों ने बताई है।

सुरक्षा की दृष्टि से पिता और बेटी को हिरासत में
अब पुलिस का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से पिता और बेटी को हिरासत में रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस इंस्पैक्टर उत्तम चंद ने बताया कि लड़की और पिता को पुलिस हिरासत में इसलिए रखा गया है क्योंकि उन्होंने पुलिस सुरक्षा की मांग की थी।

अफवाह के बाद हुआ बवाल
बता दें कि जैसी ही अफवाह उड़ी थी कि एक स्कूली छात्रा के साथ सैनिक ने छेड़छाड़ की है वैसे ही हंदवाड़ा में प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने सेना की एक चौकी को घेर लिया था और पथराव शुरू कर दिया था।

चार लोगों की हो चुकी है मौत
इसके बाद सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और फिर काबू करने के लिए गोलियां चलानी पड़ी। इस गोलीबारी में एक उभरता हुआ क्रिकेटर, 70 साल का एक बुजुर्ग और एक 21 साल का युवक मारा गया। कुपवाड़ा में भी प्रदर्शन एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। इन मौतों के चलते कश्मीर घाटी में लोगों का गुस्सा फूटा और उन्हें नियंत्रित करने के लिए कई जगहों पर कर्फ्यू लगाया गया है।

लड़की के बयान पर आपत्ति
पहली मोबाइल क्लिप जो पहले पुलिस ने लीक की थी और बाद में सेना ने जारी की, लड़की ने सैनिक पर छेड़छाड़ का कोई आरोप नहीं लगाया बल्कि उसने स्थानीय युवकों पर यह आरोप लगाया। और बताया कि कुछ स्थानीय लोग ही अन्य को भड़काने का काम कर रहे थे। यह वीडियो पुलिस स्टेशन में शूट किया गया लगता है। वीडियो में किसी पुरुष की आवाज भी सुनाई देती है जो लड़की से बोलने के लिए कह रहा है।

मानवाधिकार से जुड़े कुछ लोगों ने लड़की को गैरकानूनी तरीके से पुलिस हिरासत में रखने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने वीडियो रिकॉर्ड करने और सर्कुलेट करने के तरीके पर भी सवाल उठाया है।

इन लोगों का कहना है कि पुलिस को अगर लड़की को सुरक्षा देनी ही है तो वह घर पर भी दी जा सकती है। इनका यह भी कहना है कि लड़की अभी नाबालिग है और उसका बयान अभिभावकों की अनुमति और मौजूदगी के बिना नहीं लिया जा सकता। (khabar.ndtv.com)


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