देश भर कथित गौरक्षा के नाम पर भगवा संगठनों के कार्यकर्त्ता बेगुनाह इंसानों की जान ले रहे हैं लेकिन राजस्थान में इन्ही गौरक्षकों द्वारा ये गायें भूख प्यास से तड़पा-तड़पा कर मारी जा रही हैं. जयपुर की हिंगोनिया गोशाला में पिछले दो हफ़्तों में भ्रष्टाचार के कारण सेकड़ों गायें तड़प-तड़प कर दम तोड़ चुकी हैं.

अब गायों की मौत की बाढ़ के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जांच शुरु कर दी, एसीबी की जांच में सामने आया है कि गौशाला में कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार गायों की मौत और दुर्दशा की वजह बन गई. सीबी ने जांच के बाद पाया कि गायों की इस दुर्दशा और मौत की सबसे बड़ी वजह है गौशाला का कुप्रबंधन. एंटी करप्शन ब्यूरो राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच कर रहा है. गौशाला का सालाना बजट 15 करोड़ है इनमें 10 करोड़ सिर्फ चारे पर खर्च हो रहे हैं.

हिंगानिया गोशाला में गायों की मौत का यह मामला नया नहीं है. पिछले साल  नवंबर को एक ही दिन में 3954 गायें मार दी गईं थी. इन गायों को मारने के पीछे कथित गौरक्षकों का घोटाला था. एक आंकड़े के मुताबिक यहां हर महीने 1000 गायों की मौत हो रही है.

दरअसल ये 7515 गायों के चारे का पैसा सरकार से ले रहे थे. तभी उनकी गिनती हुई जिसमें सिर्फ 3921 गायें मिलीं. इसके बाद इन गोभक्त गोपालकों को घोटाला कवर करना था इसलिए एक दिन पहले 3954 गायों की मौत दर्शा दी. इस तरह दस महीने में 1.21 करोड़ रुपये के घोटाले पर पर्दा डाला गया.


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