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सऊदी अरब में फंसे 62 तमिलनाडु मछुआरों की आजादी के सबंध में विदेश मंत्रालय ने अपने हाथ ऊँचे कर दिए हैं. मद्रास हाईकोर्ट बेंच को दी गई जानकारी में विदेश मंत्रालय ने बताया कि अन्य देशों की तुलना में सऊदी अरब के रोजगार कानून सख्त है और इसलिए वहां फंसे 62 तमिलनाडु मछुआरों की आजादी मुश्किल है.

मंत्रालय की और से असिस्टेंट सॉलिसीटर-जनरल (एएसजी) जीआर स्वामीनाथन ने बेंच को बताया कि सऊदी अरब में एक स्पांसरशिप सिस्टम कफाला है जो विदेशी कामगारों के रोजगार व आवास की देखरेख करती है इसलिए कोई भी कर्मचारी बिना बालिक को बताए देश से न तो बाहर जा सकता है और न ही आ सकता है.

साल की शुरुआत में सऊदी अरब में फंसे एक मछुआरे ने व्हाट्सएप के जरिए एक वीडियो भेजा था जिसमें अपनी दयनीय स्थिति दिखाई थी. जिसके बाद मुख्यमंत्री जयललिता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर मामले में दखलंदाजी की मांग की थी.

मछुआरों द्वारा सोशल मीडिया के जरिए अभियान चलाये जाने को लेकर सऊदी अरब में कंपनी का मालिक पुलिस में शिकायत दर्ज करने की धमकी दे रहा हैं जिसकी वजह से इनको बचाना मुश्किल हो रहा हैं.

 


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