हरियाणा: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार का कहना है कि सलमान खुर्शीद, आजम खान और असदुउद्दीन औवेसी के पूर्वजों के ईष्ट राम थे. ऐसे में उन्‍हें अपराधबोध से मुक्त होने के लिए अयोध्‍या में राम मंदिर के निर्माण के लिए आगे आना चाहिए.

रोहतक में एक विचार गोष्ठी में भाग लेने आए आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने अयोध्या में विवादित जगह के स्थान पर धर्मशाला बनाने के सुझाव को बकवास करार दिया.

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विवादित स्थल की जगह राम मंदिर के सुझाव पर इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘यह बकवास सुझाव हैं और अमानवीय है. यह एक मनुष्य का मंदिर नहीं है, बल्कि इसके विषय में दुनिया भर के 718 करोड़ लोगों को सोचना चाहिए.’

उन्‍होंने कहा, ‘देश में हिंदू से बड़ा कोई धर्मनिरपेक्ष नहीं है. हिंदू सर्वश्रेष्ठ हैं. हिंदू से बड़ा कोई सेकुलर नहीं है, इसीलिए मजार, चर्च या अन्य धार्मिक स्थलों पर वे जाते हैं. ऐसे में मुसलमान और बाकी धर्मों के लोग हिंदुओं के धार्मिक स्थलों पर क्यों नहीं जाते?’

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दरअसल, आरएसएस की इस विचार गोष्ठी में इंद्रेश कुमार मुख्य वक्ता था. इस गोष्ठी में इंद्रेश कुमार ने राम मंदिर का मुद्दा जोर-शोर से उठाया. उन्होंने कहा कि आजम खान, सलमान खुर्शीद व औसुद्दीन औवेसी के पूर्वजों के ईष्ट राम थे. इसलिए उन्हें अपराधबोध से मुक्त होने के लिए राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आना चाहिए.

इंद्रेश कुमार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी फाइल सार्वजनिक होने पर कहा कि इसके लिए भारत सरकार बधाई की पात्र है और यह समाज की जीत है. साभार: न्यूज़ 18

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