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दलितों को साथ लेकर चलने के संघ परिवार के खोखले दावों की पोल खुल गई हैं. जिसका ताजा उदाहरण कर्नाटक में देखने को मिला. जहाँ उडुप्पी के एक मंदिर में दलितों की रैली के बाद संघ परिवार ने मंदिर का शुद्धिकरण कराया.

दरअसल, कर्नाटक के उडुप्पी में स्थित कृष्ण मंदिर में दलितों ने 9 अक्टूबर को समानता के अधिकार को लेकर रैली की थी. इसी रैली के कारण रविवार को आरएसएस के एक वरिष्ठ नेता और पेजावर मठ के स्वामी की ओर से मंदिर का शुद्धिकरण किया गया.

इसके अलावा 9 अक्टूबर को हुई दलित रैली के कुछ देर बाद ही संघ की युवा ब्रिगेड ने उन सड़कों को भी शुद्ध किया था जिनसे दलितों की रैली गुजरी थी.  संघ परिवार की युवा बिग्रेड का इस बारें में कहना था कि यहां कृष्ण मंदिरों के आसपास दलितों की जनसभा के बाद ये परिसर अशुद्ध हो गया था. इस वजह से यहां शुद्धिकरण समारोह आयोजित किया गया.

हालांकि आरएसएस नेता सुलीबेले ने इस कार्यक्रम को दलित-विरोधी शुद्धिकरण होने से इनकार किया हैं. उन्होंने कहा कि हमारे साथ कई दलितों ने भी इस सफाई अभियान में हिस्सा लिया था और हमने साथ मिलकर भोजन भी किया.


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