बिजनौर हरियाणा में जाटों के हंगामे और उपद्रव के बीच, अब उत्तर प्रदेश के जाट समुदाय के नेताओं ने केंद्र सरकार से भिड़ने का मन बना लिया है। जाट समुदाय ने धमकी दी है कि अगर उनकी मांग नहीं सुनी जाती है, तो वे मथुरा में 4 मार्च को प्रस्तावित पीएम मोदी की रैली को नहीं होने देंगे। साथ ही, हरियाणा में ‘प्रदर्शन’ कर रहे जाट समुदाय के लोगों पर बल का इस्तेमाल और उनपर गोली चलाने के आदेश को लेकर भी UP का जाट समुदाय खासा नाराज है।

 जाट आरक्षण की मांग कर रहे उपद्रवियों ने हरियाणा में हिंसा औ...

यह फैसला सोमवार को हुई एक बैठक में किया गया। केंद्र सरकार की नौकरियों में जाट समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे, समुदाय के नेताओं का कहना है कि वे मोदी सरकार पर दबाव बनाना चाहते हैं। जाट संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शूरवीर सिंह ने कहा, ‘केंद्र सरकार जाट आरक्षण के मुद्दे पर क्या सोचती है, यह दिनों-दिन साफ होता जा रहा है। अब तक उन्होंने इस सिलसिले में एक पैनल बनाने भर की घोषणा की है। अगर सरकार ने फिर से जाटों को धोखा दिया और हमारी मांगें नहीं मांगी, तो हम पीएम मोदी की मथुरा रैली नहीं होने देंगे।’

इस बैठक को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि पहले यूपीए सरकार ने जाटों को आरक्षण दे दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘अब तक बीजेपी ने केवल झूठे वादे किए हैं और इस मामले को लेकर अदालत जाने की कोई कोशिश नहीं की है। हमारे मुद्दे को मदद देने की जगह उन्होंने हरियाणा में प्रदर्शन कर रहे जाटों के खिलाफ बल का इस्तेमाल किया।’

उन्होंने आगे कहा, ‘आरक्षण जाटों का हक और हम इसे लेकर रहेंगे। केंद्र ने हरियाणा में औऱ केंद्र सरकार की नौकरियों में जाटों को आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन हमें उनके वादे में ज्यादा उम्मीद नजर नहीं आती। उन्होंने अभी तक इस मसले पर कोई मजबूत आश्वासन नहीं दिया और केवल एक के बाद एक पैनल बनाने की ही घोषणा की है।’

जाट नेता ने कहा उनके संगठन ने 21 सदस्यों की एक समिति बनाई है जो कि विरोध की कमान संभालेगी। यही समिति पीएम की रैली भी रोकने की तैयारी करेगी। रविवार को बिजनौर के जाट नेताओं ने उत्तर प्रदेश में होने वाले 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के बहिष्कार की घोषणा की थी। उन्होंने दावा किया कि केवल अपने दम ही जाट 50 विधानसभी सीटों का फैसला तय कर सकते हैं। हरियाणा की खट्टर सरकार को हटाने की मांग करते हुए जाट समुदाय ने बरेली-हरिद्वार हाईवे (एनएच-74) को भी बंद कर दिया।

इस मांग ने अब राजनैतिक करवट ले ली है। राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी इससे सुर मिला लिया है। बीकेयू के प्रदेश महासचिव राजेंद्र सिंह ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में लगभग 55 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां अपनी आबादी के कारण जाटों की भूमिका बेहद अहम है। जाट प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश देकर बीजेपी ने पूरे समुदाय को चुनौती दी है।’ (navbharattimes)


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