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ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव में मंदिर में रावण की मूर्ति की स्थापना से दो दिन पहले मंगलवार को रावण की मूर्ति को खण्डित कर दिया गया. साथ ही मंदिर में लगी दशकों पुरानी प्राचीन मूर्तियों को भी तोड़ दिया.

मंदिर के पुजारी अशोका नंद महाराज ने बताया करीब 30 से 40 लोग बंदूक और लाठी-डंडे लेकर मंदिर पहुंचे, जिन्होंने यहां तोड़फोड़ की. उन्होंने कहा कि मंदिर व मूर्ति तोड़ने वालों में बीजेपी कार्यकर्ता, लोक रक्षा दल और गौरक्षा दल के कार्यकर्ता शामिल थे और पूरा काम केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के कहने पर किया गया है.

अशोक नंद ने बताया कि बिसरख में रावण का मंदिर आस्था का प्रतीक माना जाता था. इसी कारण इसे बिसरख धाम की संज्ञा दी गई थी. अकरीब पांच साल से मंदिर में रावण की मूर्ति की स्थापना की तैयारी की जा रही थी. इसके लिए मंदिर का पुर्ननिर्माण करीब दो करोड़ रुपए में कराया गया था.

बिसरख गांव को रावण की जन्म भूमि माना जाता हैं. हालांकि ऐसा कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है. लेकिन गांव में कभी दशहरा न मनाये जाने और रावण का पुतला न जलाए जाने की परंपरा काफी पुरानी है. बल्कि, दशहरा पर यहां शोक मनाया जाता है.


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