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छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में पुलिस द्वारा दो माओवादियों की मौत को फर्जी मुठभेड़ बताते हुए राज्य की रमन सिंह सरकार पर माओवादियों की आड़ में निर्दोष आदिवासियों का मारने का आरोप लगाया हैं.

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने और छात्रों के परिजनों को 20-20 लाख रूपए मुआवजा देने की मांग करते हुए कहा कि बस्तर जिले की पुलिस ने दो छात्रों को नक्सली बताकर फर्जी मुठभेड़ में मार दिया है.

उन्होंने आगे कहा, माओवादियों से निपटने की आड़ में रमन सिंह सरकार निर्दोष आदिवासियों का दमन कर रही है और उन्हें बस्तर से पलायन करने पर मजबूर कर रही है. मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करते हुए बघेल ने बस्तर में पदस्थ आईजी एसआरपी कल्लूरी को तत्काल बख्रास्त करने की मांग की.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मीना खल्खो से लेकर मड़कम हिड़मे तक दर्जनों मामलों से साबित हो गया है कि रमन सिंह सरकार माओवाद या नक्सलवाद से निपटने की आड़ में निरीह और निर्दोष आदिवासियों को प्रताड़ित कर रही है. बघेल ने कहा कि दोनों बच्चों के माता पिता के पास इस बात का पर्याप्त सबूत हैं कि दोनों छात्र थे और नक्सली संगठनों से उनका दूर दूर तक कोई नाता नहीं था.


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