हैदराबाद। अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका दायर होने के एक दिन बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य ने मंगलवार को कहा कि यह राजनैतिक मुद्दा है जिसे हर चुनाव से पहले उठाया जाता है।

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 मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना सज्जाद नोमानी से संवाददाताओं ने स्वामी की याचिका पर उनकी प्रतिक्रिया पूछी तो उन्होंने कहा,’जब मामला अदालत में लंबित है तो सबको अंतिम फैसले का इंतजार करना चाहिए। उससे पहले बिना सिर-पैर के मुद्दे पर हम लोग भड़कना नहीं चाहेंगे।’
भारतीय मुसलमानों की शीर्ष संस्था के सदस्य ने कहा कि महंगाई, आर्थिक मंदी और युवाओं के लिए नौकरियों की कमी जैसे वास्तविक मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
स्वामी ने राम मंदिर निर्माण के लिए सोमवार को शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है। अदालत ने कहा कि यह मामला उस पीठ में सूचीबद्ध होगा जो राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद से संबंधित अन्य मामलों की पहले से ही सुनवाई कर रही है।
स्वामी ने शीर्ष अदालत से आग्रह किया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली लंबित याचिका की भी शीघ्र सुनवाई की जाए। सर्वोच्च न्यायालय ने 9 मई, 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के फैसले को ‘विचित्र और चौंकाने वाला’ बताते हुए इस पर रोक लगा दी थी। फैसले में लखनऊ पीठ ने निर्देश दिया था कि बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवादित स्थल को दावा करने वाले तीनों दावेदार पक्षों के बीच विभाजित कर दिया जाए। (liveindiahindi)

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