सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावित इलाके में बड़वानी में गांधी स्मारक को हटाने को लेकर बड़ा विवाद हो गया है. नर्मदा नदी के तट पर स्थित राजघाट को तोड़ने की कार्रवाई को नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर ने महात्मा गांधी की दूसरी बार हत्या करार दिया.

दरअसल, सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावित इलाके में आ रहे गांधी स्मारक को हटाने के लिए गुरुवार अल सुबह 4 बजे पहुंचे. उन्होंने जेसीबी से खोदकर महात्मा गांधी, कस्तूरबा गांधी और महादेव जी के अस्थि कलश बाहर निकाल लिए. इस दौरान मेधा पाटकर और नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और बिना कोई जानकारी के स्मारक हटाने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, “राजघाट को हटाना था तो उसकी बेहतर तैयारी की जानी चाहिए, महात्मा गांधी लोगों के दिल में बसते हैं. बड़वानी में जो कृत्य हुआ है, वह महात्मा गांधी की दूसरी बार हत्या जैसा है.”

उन्होंने कहा, “राज्य सरकार असंवेदनशील हो चुकी है, वह न्यायालय में झूठी जानकारियां दे रही है, इतना ही नहीं विस्थापित होने वाले परिवारों की जो सूची बनाई है वह भी गड़बड़ है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ने से प्रभावित होने वाले परिवारों की समस्या पर चर्चा तक को तैयार नहीं हैं. जनतंत्र में ऐसा नहीं होता है, जैसा मध्यप्रदेश में हो रहा है.”

हालांकि कलेक्टर तेजस्वी एस. नायक का कहना है कि यह सिर्फ अस्थायी विस्थापन है. बाद में नर्मदा तट पर भव्य गांधी स्मारक बनेगा. इसी बीच शुक्रवार को प्रदेशभर के 56 कांग्रेस विधायक बड़वानी पहुंच रहे हैं, जो संघर्ष को सलाम आंदोलन में शामिल होंगे.


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