जयपुर  राजस्थान के एक बीजेपी विधायक व उनके समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय व निखिल डे के ‘सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान’ के सदस्यों पर शनिवार को हमला किया। घटना झालवार शहर की है। संगठन के सदस्य अपने राज्यव्यापी ‘जवाबदेही यात्रा’ के सिलसिले में झालवार पहुंचे थे।

अरुणा रॉय जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट ...

महिला सदस्यों समेत कई कार्यकर्ताओं को इस हमले में मामूली चोटें आई हैं। कहा जा रहा है कि बीजेपी विधायक कंवर पाल मीना और उनके समर्थकों ने संगठन के सदस्यों पर हमला किया। विधायक के समर्थकों में से 4 को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

यह घटना शनिवार शाम की है। संगठन के सदस्यों ने स्थानीय ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं में शामिल होने व उनमें भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने को एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया था। इस हमले के समय अरुणा रॉय और डे दोनों ही जयपुर में थे।

विधायक द्वारा डंडे से पीटे जाने पर संगठन के एक सदस्य शंकर सिंह को चोट लगी। सिंह ने फोन पर की गई बातचीत में हमें बताया, ‘शुरू में 4-5 लोगों का एक समूह डंडे लेकर आया और हमें मारने लगा, लेकिन थोड़ी देर में वे भाग गए। हम इस हमले से परेशान हो गए थे, लेकिन फिर हमने फैसला किया कि हम बाजार के अंदर अपनी ‘जवाबदेही यात्रा’ जारी रखेंगे। बाजार में हमें फिर से हमलावर मिले। वे एकाएक हमारी ओर आए। उन्होंने हमारी महिला सदस्यों को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने हमें थप्पड़ मारा, धक्का दिया और डंडे से पिटाई की। विधायक द्वारा कहे जाने के बाद हमारे कई कार्यकर्ताओं का मोबाइल भी उन गुंडों ने छीन लिया।’

झालवार के एसपी राजेंद्र सिंह ने हमें बताया, ‘संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ कुछ गुंडों ने मारपीट की और हम जल्द ही उन्हें पकड़ लेंगे। अभी तक मुझे इस मामले में विधायक के शामिल होने की कोई जानकारी नहीं है।’ हमने आरोपी विधायक कंवर पाल मीना से भी बात की। उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे बताया गया कि इस संगठन के उन सदस्यों ने मेरे खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल किया। इससे लोग भड़क गए। मैं उस जगह पर पहुंचा ताकि उन कार्यकर्ताओं को 400-500 लोगों की भीड़ के गुस्से से बचा सकूं। मैंने वहां खड़ी भीड़ को समझाकर राजी किया कि वे कोई हिंसा ना करें। मैंने सुनिश्चित किया कि वहां कोई हादसा ना हो। उस घटना के बाद से ही मैं खुद इस संगठन के कार्यकर्ताओं का खोया कैमरा तलाश करने में जुटा हूं।’

इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया करते हुए अरुणा रॉय ने कहा, ‘मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गढ़ में इस तरह की घटना होना एक डरावना संदेश देता है। यह बताता है कि लोकतंत्र के प्रति असहिष्णुता किस कदर बढ़ी है। जन प्रतिनिधि के द्वारा इस तरह का हमला किया जाना बहुत ज्यादा निंदनीय है।’ साभार: नवभारत टाइम्स


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