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हर साल की तरह इस साल भी मुहर्रम पर प्रतापगढ़ में कैबिनेट मंत्री राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह ने ताजिया के रास्ते में भंडारा करने का ऐलान कर दिया. जिसके कारण इलाके में सांप्रदायिक तनाव व्याप्त हो गया था. लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के आगे उनकी एक न चली और अपने ऐलान को वापस लेना पड़ा.

दरअसल शेखपुर आशिक गांव में हर साल मोहर्रम पर ताजियों के रास्ते पड़ने वालें हनुमान मंदिर पर हनुमान चालीसा का पाठ और भंडारा किया जाता हैं. स्थानीय मुसलमानों के अनुसार इसके पीछे उनका मकसद मुहर्रम पर होने वाले ताजिये के जुलुस में परेशानी खड़ी करना रहता हैं.

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लेकिन इस बार स्थानीय मुसलमानों ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा कि हर साल जब भी मुहर्रम पड़ता है तो उदय प्रताप उसी दिन भंडारा कराने का ऐलान कर देते हैं. जिसके बाद हाईकोर्ट ने भंडारा करने पर रोक लगा दी. लेकिन हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए भंडारा आयोजित  करने लगे. जिसके बाद एसडीएम ने राजा भैया के पिता और उनके पांच साथियों को उनके ही घर में नजरबंद कर दिया.

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उदय प्रताप के सहयोगी जितेंद्र यादव, आनंद पाल, रमाकांत मिश्र, भवानी विश्वकर्मा, रवि सिंह को भी मंगलवार की रात दस बजे से मोहर्रम की दसवीं के दिन बुधवार शाम सात बजे तक घर में नजरबंद रखा गया.


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