रायगढ़ (निप्र)। 13 वर्षीय बालक की सिरकटी लाश मिलने के मामले में नरबलि की आशंका बलवती हो रही है। बालक की पहचान खैरपुर निवासी रणविजय भारती के पुत्र चंदन के रूप में हुई है। रणविजय के अंधविश्वासी और तांत्रिक की संगत में होने से यह माना जा रहा है कि उसने ही वारदात को अंजाम दिया है। बालक के परिजन अनुसार वारदात की रात रणविजय पूजा-पाठ का सामान लेकर घर आया था और रात लगभग आठ बजे चंदन को साथ गया था। सुबह उसकी सिर कटी लाश मिली, वहीं घटना के बाद से रणविजय फरार है। इसलिए पुलिस फिलहाल उसे ही आरोपी मान कर चल रही है।

मूलतः उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी रणविजय रायगढ़ के खैरपुर में विगत चार माह से अपने परिवार के साथ किराये के घर में रहता है। परिवार में पत्नी समेत तीन बेटे और 2 बेटियां हैं। रणविजय चूड़ी बेचकर परिवार का पालन पोषण करता है। इससे पहले वह जेपीएल की ठेका कंपनी में पाइप लाइन का काम करता था। मार्च से काम बंद होने के बाद वह घूम-घूमकर चूड़ी बेचने लगा। बालक का शव मिलने के बाद जांच में जुटी पुलिस को जानकारी मिली कि घटना के तीन दिन पहले ही रणविजय ने अपनी पत्नी व दो बच्चों को आजमगढ़ भेज दिया था। जिस पर मामले की जानकारी पुलिस ने चंदन की मां को दी। इस पर उसने बताया कि रणविजय ने घटना वाले दिन चंदन की फोन पर उससे बात कराई थी। फिलहाल चंदन की मां रायगढ़ के लिए रवाना हो गई है। उसके रायगढ़ आने के बाद ही मामले के खुलासे की संभावना है। घटना के बाद से रणविजय फरार है। फिलहाल पुलिस उसे ही आरोपी मानकर चल रही है।

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रणविजय ले गया था चंदन को

चंदन की बड़ी बहन ने पुलिस को बताया है कि उसके पिता अंधविश्वास हैं। वह जादू-टोने में यकीन रखते हैं। वह अक्सर अपने घर में भूत-प्रेत होने की बात करते थे। घटना वाली रात सभी बच्चे खाना खाकर सोए थे। इसी बीच रणविजय चंदन को लेकर कहीं चला गया। बालिका ने बताया कि एक दिन पहले ही रणविजय पूजा-पाठ की सामग्री भी लेकर आया था।

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परिजन रणविजय का कराना चाहते थे इलाज

पुलिस को रणविजय की बड़ी बेटी ने बताया है कि उसके पिता कहा करते थे कि उसके दादा उसके घर में भूत-प्रेत भेजकर उसे व बच्चों को परेशान कर रहे हैं। परिजन इस बात को मानने से इनकार करते थे। ऐसे में वे रणविजय का इलाज कराना चाहते थे।

आरंभिक जांच में मृतक चंदन के पिता रणविजय भारती पर शंका बन रही है। घटना के बाद से वह फरार है। फिलहाल उसकी तलाश की जा रही है।

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कौशल्या साहू थाना प्रभारी, कोतरारोड (साभार: नईदुनिया)


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