गोरखपुर। लगातार 34 दिनों तक चलने के बाद सर्राफा आंदोलन का आक्रामक रूप गोरखपुर में नजर आया। सर्राफा बाजार के पक्ष में आए व्यापारियों की एकजुटता से गोरखपुर शहर पूरी तरह से बंद रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंदी का व्यापक असर देखा गया। व्यापारियों का आक्रोश साफ-साफ नजर आया। बंदी के दौरान एक सभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई। सभा के बैनर पर एक स्लोगन भी लिखा था जो यूं है-‘‘हमने तुमको मौका दिया, तुमने हमको धोखा दिया।’’ गोरखपुर में योगी-मोदी का ऐसा विरोध पहली बार देखने को मिला है।

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दवा की दुकानों और आकस्मिक सुविधाओं को छोड़कर लगभग सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। पुराने गोरखपुर में बंद का असर थोड़ा कम रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के पक्ष में व्यापारी सड़क पर उतरे। एक्साइज ड्यूटी हटाने समेत कई मांगों को लेकर पिछले 01 मार्च से ही सर्राफा कारोबारी हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार उनके व्यापारिक हितों पर कुठाराघात कर रही है। इसी कड़ी में 04 अप्रैल व्यापारी समाज के सहयोग से प्रदेश बंद का एलान किया गया था।

गोरखपुर में योगी के खिलाफ पहली बार गोरखपुर मेंं योगी के खिलाफ ऐसा पहली बार हुआ है जब उनके खिलाफ नारेबाजी हुई है। हांलाकि यह नारा एक छोटे से समूह ने लगाया है। सर्राफा मंडल ने ऐसे नारों से खुद को अलग कर रहा है। एक दौर रहा है जब नारे लगते थे कि गोरखपुर में रहना है तो योगी-योगी कहना है। ऐसे में योगी मुर्दाबाद के नारे यहां के लोगों को कुछ अटपटे लग रहे हैं। लोगों में गुस्सा है। सर्राफा मंडल के अध्यक्ष शरत चंद्र अग्रहरि का कहना है कि ऐसे नारों से उनके संगठन का कोई लेना-देना नहीं है। व्यापारी गुस्से में हैं लिहाजा कहीं से नारा लग गया होगा। व्यापारियों के अलावा राजनीतिक दलों के लोग भी आंदोलन के समर्थन में आए थे। लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात कहने का छूट है और हम उसे रोक नहीं सकते।

आंदोलन जारी

सर्राफा मंडल का आंदोलन फिलहाल 10 अप्रैल तक जारी रहेगा। उसके बाद फैसला केन्द्रीय नेता लेंगे। 05 अप्रैल को सर्राफा कारोबारी वाराणसी जा रहे हैं जहां पीएम के संसदीय कार्यालय का घेराव किया जाएगा। दबाव बनाया जाएगा कि सरकार एक्साइज टैक्स वापस ले और व्यापारियों के हित में फैसले लिये जाएं। (gorakhpurtimes.com)


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