दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र आज तानाशाही के दौर में गुजर रहा है. जहाँ बोलने पर भी पाबंदी लगाई जा रही है. जो कि भारतीय संविधान की और से दिया गया एक बुनियादी अधिकार भी है.

दरअसल मामला मध्यप्रदेश से जुड़ा है. अशोक नगर जिले के मुंगावली के गणेश शंकर विद्यार्थी कॉलेज में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का संबोधन शिवराज सरकार को इतना नागवार गुजरा कि शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्राचार्य को ही निलंबित कर दिया.

बुधवार देर शाम को प्राचार्य बीएल अहिरवार के निलंबन आदेश जारी कर दिया गया. साथ ही उन्हें अशोक नगर से शहडोल अटैच कर दिया गया. शिवराज सरकार का कहना है कि कॉलेज में राजनैतिक जमावड़ा किया गया. वहीँ कॉलेज का प्राचार्य का कहना है कि सिंधिया छात्र-छात्राओं के आमंत्रण पर करियर काउंसलिंग के लिए आए थे.

इस सबंध में कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि मंगलवार को स्थानीय सांसद होने के नाते सिंधिया मुंगावली के गणेशशंकर विद्यार्थी कॉलेज में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने छात्रों की समस्या सुनी और उनका समाधान किया.

उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं ने सिंधिया से कॉलेज में फर्नीचर, जरूरी किताबें और पेयजन की व्यवस्था नहीं होने संबंधी शिकायत की थी. इसके बाद सिंधिया ने छात्र-छात्राओं की मांग पर फर्नीचर, पुस्तकों और पेयजल की व्यवस्था के लिए सांसद निधि से 3 लाख रुपए देने की घोषणा की थी.


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