photo-amar ujala
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बरेली – इस समय मुस्लिम जगत में अगर कोई मुद्दा छाया हुआ है तो वो है देवबंदी ओर बरेलवी इत्तेहाद. मुस्लिम जनता के मसलकी फिरके से जुड़ा ये मुद्दा हालाँकि बहुत नाज़ुक है लेकिन साथ साथ बहुत अहमियत भी रखता है. नबीरे आला हजरत मौलाना तसलीम रजा खां ने सोमवार को दरगाह आला हजरत स्थित कादरी हाउस पर देवबंद-बरेलवी मुद्दे पर एक पोस्टर जारी करते हुए कहा कि अक्सर यह बात कही जा रही है कि मौजूदा हालात को देखते हुए तमाम मुसलमानों को मसलकी विवाद एक तरफ रखते हुए एक हो जाना चाहिए।

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एक दूसरे के कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए मगर हक और बातिल (सच और झूठ) की पहचान भी जरूरी है।

इसमें उन्होंने पोस्टर के हवाले से देवबंदियों की किताबों पर सवाल उठाए हैं। इसमें किताबों के पेज नंबर सहित सात बिंदुओं का जिक्र किया गया है, जिसे उन्होंने कुफ्र इबारत बताते हुए कहा यह खुदा और रसूल की शान में गुस्ताखी है। इस पर लोग खुद सोचें और गौर करें कि हक क्या है बातिल क्या है।

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ऐसे में किसी भी तरह का इत्तेहाद कैसे मुमकिन है। इसी के साथ उन्होंने आला हजरत के फतवे और मुफ्ती आजम हिंद की तहरीर का जिक्र भी किया है।


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