लखनऊ। अयोध्या के राम एक बार जुबानी जंग के बीच फंसते नजर आ रहे हैं। दरअसल सुब्रमण्यम स्वामी के बयान के बाद एक नई सियासत शुरू गई। जिस पर आजम खां ने पलटवार करते हुए स्वामी को मस्जिद वाले होने की सलाह दे डाली। बयानों का सिलसिला यहीं नहीं रूका आजम के बयान को लपकते हुए बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने आजम को पागल बता डाला। नेताओं के बीच चल रही कुश्ती के बीच हमने बात की यूपी के वरिष्ठ साहित्य कार मुनव्वर राणा से। पहले ही सवाल में उन्होंने नेताओं को दुकानदार करार दे दिया।

Politicians treats Mandir-Masjid as shops: Munavvar Rana

पहले स्वामी का ट्वीट – “हम हिंदू भगवान कृष्ण का पैकेज मुसलमानों को ऑफर करते हैं। 3 मंदिर दे दो और 39997 मस्जिद अपने पास रख लो।”

और पढ़े -   देशभक्ति के झूठे प्रमाण-पत्र बांट कर देशभक्ति की व्याख्या बदलने की कोशिश: तुषार गांधी

आज़म खां का वार– “हमें स्वामी की कृपा की जरूरत नहीं है। वो सभी मस्जिदें ले लें और बदले में नमाज पढ़ें। हम उन्हें दावत देना चाहते हैं कि वो मस्जिद और मस्जिद के मकसद को समझें और मस्जिद वाले बनें।”

इस मुद्दे पर चर्चित शायर मुनव्वर राणा से कुछ सवाल और उनके जवाब- सवाल- राम मंदिर एक बार फिर से मुद्दा बनाया जा रहा है। लेकिन क्यों। आपका इस पर क्या मानना है?

जवाब– जी हां राम मंदिर फिर से मुद्दा बन गया है। दरअसल इन नेताओं ने इबादतगाहों को दुकान बना दिया है। इनके लिये मंदिर-मस्ज‍िद इबादतगाह नहीं रह गई। वो चाहते हैं कि मेरा माल बिके और दूसरा चाहता है मेरा माल बिके। जब इबादतगाह दुकान बनने लगे तो शायर चुप हो जाता है।

और पढ़े -   पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहम्मद तस्लीमुद्दीन का हुआ देहांत

सवाल– आपने पहले कहा था कि न हिंदू मंदिर चाहता है और मुसलमान मस्जिद चाहता है। तो क्यों राम मंदिर मामला फिर से सुर्खियां बनने लगा है?

जवाब– इस मुल्क में पब्लिक की तो कोई सुनता ही नहीं है। पब्लिक से राय ही नहीं ली जाती है। सब कुछ ये नेता ही तय करते हैं।

सवाल– इन बयानों के परिणामों के बारे में अगर गौर किया जाए तो कहीं न कहीं तस्वीर बेहद डरावनी नजर आती है। इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी?

और पढ़े -   अच्छी खबर: पेरेंट्स की देखभाल नहीं करने वाले कर्मचारियों की असम में कटेगी अब तनख्वाह

जवाब– सुब्रमण्यम स्वामी का तीन मंदिर दे दीजिए और 39997 मस्जिदें ले लीजिए ये बयान बहुत ही बेवकूफाना बयान है, जम्हूरी मुल्क में इस तरह का बयान एक पागल का बयान माना जाएगा। स्वामी को तुरंत अरेस्ट कर लेना चाहिए। जब अदालत में मुकदमा दर्ज है पूरे मामले पर तो इस तरह का बयान तो देना ही नहीं चाहिए। साभार: oneindia


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE