सांकेतिक फ़ोटो

मुजफ्फरनगर – इससे अधिक शर्मनाक और क्या हो सकता है की जिसके सिर हिफाज़त करने का ज़िम्मा हो वो खुद भक्षक बन जाए. पुलिस के क्रूर रूप तो बहुत देखें होंगे लेकिन इतना भयानक रूप शायद ही कही सुना होगा या देखा होगा. पिछले दिनों गौकशी का झूठा आरोप लगाकर पहले तो मुज़फ्फरनगर में पुलिस ने आम जनता पर फायरिंग की उसके बाद उन्ही पर झूठा मुकदमा डाल दिया. 2 मई को मुज़फ्फरनगर के शेरपुर में हुए पुलिस के तांडव के बाद से कर्फ्यू का माहौल. गाँव के सभी पुरुष पुलिस की ज्यादितियों के डर के कारण गाँव से फरार है. वहीँ पुलिस को जब कुछ नही मिल रहा तो वो बेजुबान जानवरों को बन्दूको की बटो से पीटकर गुस्सा निकाल रही है.

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गौरतलब है की 2 मई को गौकशी की झूठी खबर के कारण पुलिस घरों में घुसकर रसोई में पाक रहे खाने को चेक करने लगी थी जिस कारण ग्रामीणों ने रोष जताया जिस पर बवाल हो गया और पुलिस ने फायरिंग कर दी थी.

मीडिया में प्राकशित खबर के अनुसार दबिश के नाम पर पुलिस ने सभी नियम कानून ताक़ पर रख दिए है जिस तरह पुलिस दबिश दे रही है अब उन्हें और गुंडों में कोई फर्क नही आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अज्ञात रिपोर्ट नाम पर पुलिस किसी को भी उठा ले रही है, तो वहीं घरों में बंधे मवेशियों को पुलिस रायफलों की बटों से पीटकर उनपर भी अपना गुस्सा उतार रही है।

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ग्रामीणों का कहना है की पुलिस गांव के प्रधानपति हाशिम ठाकुर की बैठक पर दबिश देने पहुंची तो वहां बंधी भैंस ने एक पुलिसवाले की तरफ झौंकार (नए आदमी को टक्कर मारने की कोशिश) दिया। इस पर गुस्साए पुलिसवाले ने रायफल की बट भैंस के सिर पर दे मारी, जिससे भैंस ने दम तोड़ दिया। ये मामला 8 मई को हुआ।

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