झांसी: फसल खराब होने की मार झेल रहा बुंदेलखंड अब एक बड़ी मुसीबत में है। वहां पानी का लेवल बहुत नीचे चला गया है वहीं खाने के लिए अनाज तक नहीं है। यही नही यहां के कुछ इलाकों में पानी तक खत्म हो चुका है।

लोग लगातार कर रहे पलायन
काम की तलाश में लोग यहां से तेजी से पलायन कर रहे हैं। वहीं यहां बचे लोग नालों का पानी पीकर जिंदा रहने को मजबूर हैं। कई लोगों की मौत तक हो चुकी है। खेत पानी की कमी से बंजर हो गए हैं।

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सरकार ने की मदद की घोषणा लेकिन मिली नहीं
सरकार ने लोगों की मदद के लिए घोषणा तो कर दी है लेकिन यह मदद जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रही है। यहां का जलालपुरा गांव तो 11 करोड़ रुपए के सरकारी कर्ज में डूबा हुआ है। यह कर्ज किसानों द्वारा बैंकों से लिए गए उधार का है। यही कारण है कि लोग भूखे मरने को मजबूर हैं।

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लोगों ने की आत्महत्या
यहां 6 साल में 3223 लोग आत्महत्या कर चुके हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार बुंदेलखंड में 2009 में 568, 2010 में 583, 2011 में 519, 2012 में 745, 2013 में 750 और 2014 तक 58 किसानों ने सुसाइड की। साभार:न्यूज़ 24


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