अंतर्जातीय विवाह करने पर राज्य सरकार से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख कर दिया गया है। इस लगन में अंतर्जतीय विवाह रचाने वाले जोड़ों को यह लाभ मिलेगा।

दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने अंतर्जातीय विवाह करने वालों को प्रोत्साहन राशि देने की योजना शुरू की थी। पहले यह राशि 25 हजार रुपये थी। पिछले साल इसे बढ़ाकर 50 हजार किया गया। अब दो सितंबर 2015 के बाद दांपत्य जीवन में बंधने वाली अंतरजातीय जोड़ी एक लाख रुपये पाने की हकदार होगी।

कैसे करें आवेदन –

अंतरजातीय विवाह करने वाले निबंधन प्रमाण पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ पूरा पता, आवासीय प्रमाण पत्र और तस्वीर देना अनिवार्य है। अंतरधार्मिक विवाह करने वालों को प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान नहीं है।

15 लाख आवंटन की मांग –

पटना जिले में चालू लगन के पूर्व 30 अंतरजातीय विवाह करने वाली जोड़ी के आवेदन को प्रोत्साहन राशि के लिए चयनित किया गया है। समाज कल्याण विभाग से प्रोत्साहन राशि के लिए 15 लाख रुपये की मांग की गई है। प्रखंड स्तर पर जांच की प्रक्रिया में सात आवेदन लंबित हैं। शादी के बाद प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन करने वाले 20 जोड़े ढूंढे नहीं मिल रहे। राशि देने के लिए पत्राचार का कोई जवाब नहीं मिल रहा है।

तीन साल का बंधन अनिवार्य –

दहेज प्रथा तोड़ अंतरजातीय विवाह करने वाली जोड़ी के लिए बाध्यता यह है कि वह तीन साल तक दांपत्य बंधन नहीं तोड़ सकता है। प्रोत्साहन राशि का चेक लड़की के नाम देना है और परिपक्वता के लिए तीन साल मियाद रखी गई है। (jagran)


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