गुजरात के अहमदाबाद के नजदीक भावड़ा गांव में एक 15 वर्षीय दलित बच्चे को पीटे जाने का मामला सामने आया हैं. बच्चें को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उसके पिता ने गांव में पड़े मरे जानवर की लाश को उठाने से इनकार कर दिया था.

ये घटना गुरुवार की बताई जा रही है, कक्षा 10 में पढ़ने वाले इस बच्चे की दो युवकों साहिल ठाकुर और सरवर खान पठान ने मिलकर पिटाई की. हमलावरों का कहना था कि उसका परिवार गांव से लाश उठाने से इनकार कैसे कर सकता है.

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बच्चे के पिता दिनेश परमार ने बताया, ‘जानवरों की लाश हटाना हमारा पारंपरिक पेशा है, लेकिन ऊना घटना के बाद से मैंने सैकड़ों दलित भाइयों के साथ लाश न उठाने की शपथ ली थी। अब मैं दिहाड़ी मजदूरी का काम करता.

घटना के बारें में परमार ने जानकारी देते हुए कहा कि ‘गुरुवार को मेरा बेटा अपने दोस्तों के साथ बैठा था, तभी वहां दो युवक आए उन्होंने उसे गाली देनी शुरू कर दी. इसके बाद उन्होंने उसे बुरी तरह से पीटा भी. इसके बाद से ही वह इतना डरा हुआ था कि वह गांव में रहना ही नहीं चाहता था, इसलिए हमने उसे उसकी बुआ के पास भेजा दिया है.’

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इस मामलें में पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है, जिसके बाद इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.


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