अजमेर। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 804वें उर्स में शिरकत करने पाकिस्तानी जायरीन जत्था शनिवार को अजमेर पहुंचा। विश्व हिन्दू परिषद और शिव सेना सहित अन्य संगठनों की ओर से पाकिस्तानी जायरीन की अजमेर यात्रा के विरोध के चलते पुलिस ने जायरीन की सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए। पाक जायरीन करीब आठ दिन अजमेर में ठहरने के बाद 16 अप्रेल को वापस दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

उर्स में शिरकत करने के लिए पाकिस्तान से 371 जायरीन का जत्था शुक्रवार को वाघा बार्डर से दिल्ली पहुंच गया। पाक जायरीन जत्थे को गहन तलाशी के बाद पाक जायरीन स्पेशल टे्रन से शनिवार सुबह 4 बजे अजमेर लाया गया। टे्रन के प्रत्येक कोच में सशस्त्र पुलिस के जवान तैनात रहे।

अजमेर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर स्पेशल टे्रन को ठहराया गया। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर के साथ एक्स-रे मशीन से जायरीन और उनके सामान की तलाशी ली गई। जायरीन को बसों से सेंट्रल गल्र्स स्कूल में ले जाया गया।

आंखों से छलके आंसू

रेलवे के स्टेशन के बाहर पहुंचते ही कई पाकिस्तानी जायरीन की आंखें छलछला उठीं। उन्होंने ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह की तरफ हाथ उठाकर दुआ की। जायरीन ने कहा कि गरीब नवाज के शहर औ हिंदुस्तान की सरजमीं पर आना खुशकिस्मती है। बरसों बाद यह मुराद पूरी हुई है। गरीब नवाज ने दुनिया को मोहब्बत, अमन और खुशहाली का पैगाम दिया। सबको उनके दिखाई राह पर चलना चाहिए।

इसीलिए लाए जल्दी

विश्व हिन्दू परिषद, शिव सेना और अन्य हिंदूवादी संगठनों ने पिछले दिनों पाकिस्तानी जत्थे के अजमेर आगमन पर विरोध जताया। उग्र विरोध को देखते हुए प्रशासन और सीआईडी के अधिकारी तड़के 4 बजे पाक जायरीन को लेकर अजमेर पहुंचे। स्टेशन और इसके आसपास कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त किए गए। हथियारबंद जवान ने स्टेशन को घेरे रखा। जायरीन को सेंट्रल गल्र्स स्कूल पहुंचाने तक पुलिस टीम ने एस्कॉर्ट किया। (राजस्थान पत्रिका)


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