केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पशुवध के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगाने वाले फैसले के खिलाफ शनिवार को केरल के कई इलाकों में विरोधस्वरूप बीफ फेस्ट्स आयोजित किया गया.

माकपा नीत एलडीएफ, कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ और इनकी युवा शाखाओं ने राज्यभर में मार्च निकाले और बीफ फेस्ट्स का आयोजन किया. केरल में गाय और भैंस दोनों के मांस को ही बीफ के रूप में जाना जाता है.

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दरअसल यहाँ बीफ धर्म से जुडा मामला भी नहीं है. अधिकांश हिंदू यहां बीफ खाते हैं. प्रदशर्नकारियों ने इसके विरोध में केरल की राजधानी तिरूवनंतपुरम स्थित सचिवालय के बाहर प्रदर्शन भी किए. इतना ही नहीं, उन्होंने बीफ पकाया और उसे सडकों पर लोगों में बांटा।.

विरोध प्रदर्शन के बारे में डीवाईएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रियाज ने इस बाबत कहा कि हम केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए बीफ खाएंगे. हम यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताना चाहते हैं. कोल्लम जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस फैसले के विरोध में डीसीसी दफ्तर के बाहर बीफ पकाया.

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