दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की मोदी सरकार की और से लागू किये गए 28 फीसद और 18 फीसद माल व सेवा कर (जीएसटी) की आलोचना करते हुए कहा कि जीएसटी की वजह से मध्यम व छोटे दर्जे के करीब 50 फीसद उद्योग धंधे बंद हो गए.

केजरीवाल ने कहा कि जीएसटी की ऊंची दरों और रिटर्न भरने में आर रही परेशानियों के चलते आज हर कोई परेशान है. व्यापार घटने से नौकरियां घट रही हैं. उन्होंने कहा कि जीएसटी की गड़बड़ियों से ट्रेड इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान हो रहा है और इससे बेरोजगारी भी बढ़ रही है. इन्हें दूर नहीं किया गया तो अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी.

इस दौरान उन्होंने जीएसटी में सिर्फ 12 फीसदी के एक स्लैब की वकालत करते हुए कहा कि 28 फीसदी का स्लैब होना ही नहीं चाहिए. पूरे देश में टैक्स को 12 फीसदी कर देना चाहिए. छह फीसद केंद्र रखे और छह फीसद राज्य रखें.

उन्होंने कहा, जब हमारी चली तो हमने कई आइटमों पर वैट रेट 12.5 से घटाकर 5% कर दिया. आप जीएसटी रेट 12% तक कर दीजिए, हम 6% हिस्से के साथ भी सरकार चला के दिखा देंगे. केजरीवाल ने कहा कि छह फीसद कर केंद्र के लिए और इतना ही राज्यों के लिए पर्याप्त है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेटली साहब के सामने बीजपी के मंत्रियों की बोलने की हिम्मत नहीं है, इसलिए आवाज उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ही उठाएंगे. उन्होंने कहा कि जीएसटी की वजह से हम व्यापार बन्द नहीं होने देंगे.


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