बरेली (26 फरवरी): क्या टाई बांधना ‘गैर इस्लामिक’ है? बरेली के दरगाह आला हजरत मदरसा की मानें तो ऐसा ही कुछ है। यहां से एक फतवा जारी करते हुए टाई पहनने को गैर इस्लामिक बताया है।

फतवे में कहा गया है कि टाई की शेप ईसाई धर्म से जुड़े क्रॉस प्रतीक जैसी है। जब टाई को गले में पहनकर बांधा जाता है तो इसकी शेप क्रॉस जैसी हो जाती है। फतवे में कहा गया है कि ‘गैर मुस्लिमों के प्रतीकों को नहीं अपनाया जाएं।’

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दरअसल मौलाना मुहम्मद शहाबुद्दीन रिजवी से टाई बांधने पर सवाल किया गया था। इसके जवाब में आजम हिंद अलामा अख्तर रजा खान अजहरी ने टाई बांधने को ‘गैर-इस्लामिक’ बताया। फतवे में ये भी कहा गया है कि ‘ईसाई मान्यता के मुताबिक क्रॉस उसका प्रतीक है जिस पर ईसा को सूली चढ़ाया गया था। इसे दुर्भाग्य से बचाने वाला समझा जाता है। ईसाई इस प्रतीक को समृद्धि का वाहन भी मानते हैं।’ (News24)

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