खुद को देवी का अवतार बताने वाली राधे मां की मुसीबत बढ़ गई है. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने राधे मां के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है.

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मंगलवार को पंजाब के फगवाड़ा निवासी सुरिंदर मित्तल की याचिका पर ये आदेश दिया है. सुरिंदर ने अगस्त 2015 में पंजाब पुलिस से राधे मां के खिलाफ शिकायत की थी. लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

और पढ़े -   योगीराज: दलित छात्र से बदसलूकी, स्कूल अधिकारी ने करवाई कुत्तों की मालिश

अपनी याचिका में सुरिंदर ने कहा कि एसएसपी ने जान-बूझकर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के 15 दिसंबर, 2015 के आदेश की अवमानना की है, लिहाजा उनके खिलाफ अवमानना की प्रक्रिया शुरू की जाए.

दरअसल, राधे मां ने लगभग 15 साल पहले फगवाड़ा में जागरण किया था. इस दौरान सुरिंदर मित्तल की अगुवाई में राधे मां का विरोध शुरू हो गया था.

और पढ़े -   मदरसे के वाटर टैंक में मिलाया ज़हर, शहर की फ़िज़ा बिगाड़ने की साज़िश

सुरिंदर मित्तल का आरोप है कि उनके फोन पर राधे मां लगातार उन्हें परेशान करने वाले वॉट्सऐप मैसेज और कॉल्स करती रही हैं. सुरिंदर न फोन रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी है.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE