aalok

मध्य प्रदेश के बैतूल में पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के गुरु और दिल्ली आईआईटी में प्रोफेसर आलोक सागर पिछले कई सालों से आदिवासियों के बीच रहकर गुमनामी की जिंदगी गुजार रहे हैं.

हाल ही में बैतूल केआदिवासियों ने नोटबंदी के विरोध में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के गुरु भी आदिवासियों के साथ नजर आये. उन्होंने नोटबंदी को लेकर कहा कि नोटबंदी के बाद से आदिवासियों का जीवन सबसे कठिन दौर में है. वो रोजाना ठगे जा रहे हैं और अपनी खून पसीने की कमाई से कुछ नहीं बचा पाते हैं.

दरअसल आदिवासियों को मजदूरी के बदले 1000 और 500 के पुराने नोट दिए जा रहे हैं, जिन्हें बदलवाने के लिये उन्हें बिचौलिये को कमीशन देना पड़ रहा हैं. बिचौलिये 1000 रु के नोट  के बदले 800 रुपये में और 500 रु के नोट के बदले  400 रुपये में देकर ठग रहे हैं.

गौरतलब रहें कि रघुराम राजन भी नोटबंदी के पक्ष में नहीं थे. साल 2014 में उन्होंने इस पर अपनी राय रखते हुए कहा था कि “चालाक लोग इससे बचने का रास्ता निकाल लेंगे.”


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें