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Courtesy ANI

भोपाल सेंट्रल जेल से 8 सिमी कार्यकार्ताओं की कथित फरारी और फिर एमपी पुलिस द्वारा कथित एनकाउंटर की जांच की मांग को लेकर मध्यप्रदेश के गृह एवं परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सिमी सदस्यों के एनकाउंटर की कोई जांच नहीं कराई जाएँगी.

उन्होंने आगे कहा कि, जेल से फरार होने के मामले में कुछ तथ्य हाथ लगे हैं. जिसकी मध्यप्रदेश सरकार और एन आई ए जांच करेगी. लेकिन एनकाउंटर की कोई जांच नहीं होगी. गौरतलब रहें कि सिमी सदस्यों की जेल से कथित फरारी और फिर कथित एनकाउंटर के सवालों से शिवराज सरकार भाग रही हैं.

ऐसे में सिमी सदस्यों के अधिवक्ता तहव्वुर खान ने कहा, इस एनकाउंटर को एक साजिश बताते हुए कहा कि. सिमी कार्यकर्ताओं का ट्रायल ख़त्म ही होने वाला था. और उनकी जल्द ही रिहाई होने वाली थी. ऐसे में ये एनकाउंटर सवालों के घेरें में आ गया हैं.

तहव्वुर खान ने कहा,  सिमी कार्यकर्ताओं का ट्रायल ख़त्म होने वाला था. सिर्फ 18 से 20 गवाहों के बयान लेना बाकी रह गया था. मैं उनके वकील होने के नाते कह सकता हूँ कि उनके खिलाफ तथ्यात्मक रूप से या कानूनी तौर पर कोई भी पर्याप्त सबूत नहीं था. वहाँ  से उनका जेल तोड़न कर भाग जाने का कोई कारण नहीं है. क्योंकि अदालत का फैसला उनके पक्ष में था. और उनकी सप्ताह भर में बरी होकर बाहर आने की उम्मीद थी.

उन्होंने जेल तोड़कर भाग जाने की बात को सिरें से नकारते हुए कहा कि उनके भाग जाने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि जब वे जानते थे कि वे बरी हो जा रहे हैं. तो वे ऐसे ने भागेंगे क्यों? उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा इसके पीछे एक बड़ी साजिश हैं.

तहव्वुर खान ने कहा, उन लोगों (सिमी कार्यकर्ताओं) को न्यायपालिका पर पूरा यकीन था. जब मेने उनके जेल से भागने और फिर मुठभेड़ में मारे जाने के बारें में खबर सुनी तो ये चोकाने वाली थी. मेने उनके परिवार को बताया कि वहां कुछ गड़बड़ हैं. मेने उन्हें कहा, यह सब झूठ है. इसके पीछे एक गहरी साजिश हैं.


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