लखनऊ. पैगंबर मोहम्‍मद (ﷺ ) पर विवादित बयान देने के कारण जेल में बंद कमलेश तिवारी पर मंगलवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई होगी। यह सुनवाई एनएसए की एडवाइजरी कमि‍टी के सामने होगी। इसमें तय होगा कि कमलेश तिवारी पर लगाई गई रासुका लगी रहेगी या नहीं।
कमलेश तिवारी की फाइल फोटो।
 सरकार कर रही है उत्‍पीड़न
– कोर्ट में पेशी पर आए अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने अपने वकील के जरिए एक लिखित बयान जारी किया।
– उन्‍होंने कहा कि देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश के कारण उनके नाम पर देशभर में उपद्रव किया जा रहा है।
– जेल में सरकार उनका उत्पीड़न कर रही है। उनके समर्थकों को डराया जा रहा है। घरवालों को भी परेशान किया जा रहा है।
– उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार उपद्रवियों को रोकने में नाकाम है तो उन्‍हें फांसी पर चढ़ा दे।
– लेकिन किसी भी कीमत पर हिंदुओं का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कब हुआ था विवाद
– कमलेश तिवारी ने बीते साल नवंबर के अंत में पैगंबर पर विवादित बयान दिया था।
– उन्‍होंने आजम खान के आरएसएस पर दिए गए बयान को लेकर पलटवार किया था।
– आजम ने आरएसएस के लोगों को समलैंगिक बताया था।
कमलेश तिवारी के बयान पर शुरू हुआ था बवाल
– कमलेश तिवारी के बयान के बाद देशभर से लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई थीं।
– यूपी से लेकर बंगाल तक कई जगह इसको लेकर विरोध प्रदर्शन हुए।
– हंगामा इस कदर बढ़ा कि कमलेश तिवारी का सिर काटने वाले को 51 लाख का इनाम देने की घोषणा कर दी गई। (दैनिक भास्कर)
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