आजमगढ़ में गणतंन्त्र दिवस पर वीरता पुरस्कार के लिए छात्रो को सम्मानित किया जा रहा है तो वही दूसरी तरफ सपा सुप्रिमों मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित एक छात्र को अपने इलाज के लिए दर-दर भटकने के साथ ही अब सामाजिक संगठनो के जरिए शहर से लेकर गांव तक भिक्षाटन करना पड़ रहा है.

इलाज के लिए भीख मांगने को मजबूर राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार विजेता

बिलरियागंज थाना क्षेत्र के बगवार गांव निवासी ओमप्रकाश यादव जिले के युवाओं के लिए एक प्रेरणा श्रोत है, जिन्होने सितम्बर 2010 में स्कूल जाते वक्त एक मारूती वैन में आग लग गयी.जिसके बाद इस बहादुर छात्र ने अपने जान की परवाह किए बगैर उसने आठ छात्रो को बचा लिया, लेकिन इस दौरान वह काफी झुलस गया.उसे उपचार के लिए वाराणसी स्थित ट्रामा सेन्टर में भर्ती कराया गया.ओमप्रकाश को इस वीरता के लिए वर्ष 2012 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति प्रतिभा देवी पाटिल ने राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित भी किया था.

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लेकिन अब इसके बाद गरीब परिवार पर किसी भी सरकार का ध्यान नही गया और इस बहादुर छात्र को बचाने के लिए घर वालो ने अपने खेतो और घर को भी गिरवी रखने के साथ इलाज के लिए बैंक से कर्ज भी लिया लेकिन बहादुर छात्र पूरी तरह से ठीक नही हो सका. छात्र के परिजन जिले के सभी नेताओं और मंत्रीयों के दर पर भी दस्तक दे चुके हैं, लेकिन किसी ने एक न सुनी जिसके बाद थक हार कर बाहादुर छात्र और उसके परिजन एक सामाजिक संगठन के बैनर तले ओमप्रकाश नगर से लेकर गांव की गलियों तक अपने इलाज के लिए भीख मांगने के लिए मजबूर है. साभार: न्यूज़ 18

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