देहरादून : उत्तराखंड में प्रेसिडेंट रूल लगाए जाने को लेकर कांग्रेस की ओर से नैनीताल हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई गुरूवार को भी जारी रही। प्रेसिडेंट रूल लगाने को लेकर चल रही सुनवाई पूरी नहीं होने पर अगली तारीख 18 अप्रैल लगाई गई है। इससे पहले केन्द्र सरकार को 12 अप्रैल को अपना जबाव दाखिल करने को कहा गया है ।

चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की बेंच ने बीजेपी को चेतावनी दी कि सरकार बनाने के लिए कोई गलत तरीका इस्तेमाल नहीं करे अन्यथा प्रेसिडेंट रूल लगाने के लिए लगाई गई धारा 356 को यहां मानने से इनकार कर दिया जाएगा ।

क्या कहा कांग्रेस के वकील ने
कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने संविधान की धारा 356 का उल्लंघन किया है ।उन्होंनें इस मामले में बोम्मई केस और बिहार के रामेश्वर केस का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि बहुमत का फैसला विधानसभा में ही होना चाहिए ।

कांग्रेस की ओर से बुधवार को एक और हलफनामा दिया गया जिसके लिए केन्द्र सरकार की ओर से कल तक का समय मांग लिया गया । केन्द्र सरकार की ओर से तुषार मेहता और मनीन्द्र सिंह बहस कर रहे हैं ।

राज्य में लागू है प्रेसिडेंट रूल
गवर्नर ने 28 मार्च को हरीश रावत सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा था लेकिन उसके पहले ही 27 मार्च को प्रेसिडेंट रूल लगा दिया गया । प्रेसिडेंट रूल के खिलाफ उत्तराखंड सरकार हाईकोर्ट गई ।हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने रावत सरकार को 31 मार्च को विधानसभा में बहुमत साबित करने का आदेश दिया जिसे डबल बेंच में चुनौती दी गई ।डबल बेंच ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया और सुनवाई की तारीख 6 अप्रैल तय कर दी ।मामले पर सुनवाई अब गुरूवार को भी जारी रहेगी ।

हाईकोर्ट में कांग्रेस के बागी नौ विधायकों की ओर से भी याचिका दायर की गई है जिसमें उनकी सदस्यता खत्म किए जाने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती दी गई है । (newztrack.com)


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