चंडीगढ़ के रॉक गार्डन को बनाने वाले नेकचंद के बेटे अनुज सैनी ने रॉक गार्डन से खुद को बाहर निकाले जाने पर दुख जताया है. सैनी ने कहा कि उनके पिता ने इस गार्डन का निर्माण इसलिए नहीं किया था कि उनके परिवार को एक दिन बेइज्जती झेलनी पड़े.

क्या हुआ था रॉक गार्डन में
सैनी के मुताबिक रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षा अधिकारियों ने मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के रॉक गार्डन पहुंचने से कुछ देर पहले उन्हें वहां से जाने को कहा. सैनी ने बताया कि उनके पास चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से दिया गया एंट्री कार्ड भी था. उन्होंने कहा कि इसके बाद वे वहां से चले गए क्योंकि उन्हें यह अपमानजनक लगा.

10 मिनट पहले बाहर जाने को कहा
सैनी के मुताबिक दोपहर के 2.30 बजे थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस्वा ओलांद के आने से 10 मिनट पहले SPG ऑफिसर जो उनके साथ काम कर रहे थे, ने उन्हें उस जगह से जाने के लिए कहा. सैनी ने बताया कि पहले ऑफिसरों ने किसी अन्य व्यक्ति के जरिए संदेश भिजवाया. इसके बाद वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड ने मुझे कड़े शब्दों में रॉक गार्डन से जाने के लिए कहा.

ऑफिसरों ने PMO ऑर्डर का दिया हवाला
सैनी ने बताया कि एक SPG ऑफिसर जिनका नाम बलवान सिंह था, उन्होंने सैनी को बाहर भेजने के लिए PMO ऑर्डर का हवाला दिया. इतना ही नहीं ऑफिसर ने एक जवान को सैनी को बाहर ले जाने के लिए कहा. वह जवान सैनी को उस जगह ले गया जहां बाकी जनता पीएम का इंतजार कर रही थी. इसके बाद सैनी अपने घर चले गए.

किसी से शिकायत नहीं करेंगे सैनी
सैनी ने कहा कि अपमान के बावजूद वे इसके विरोध में कोई कदम नहीं उठाएंगे. उन्होंने कहा कि वे शुक्रगुजार हैं कि उनकी मां को रॉक गार्डन में आमंत्रित नहीं किया गया था. अगर उनको वहां से जाने को कहा जाता तो वह आहत होकर जरूर रोतीं. हालांकि सैनी ने बताया कि जब वे घर लौट गए तो उन्हें ऑफिसर बलवान सिंह का रॉक गार्डन वापस बुलाने के लिए फोन आया. लेकिन उन्होंने मना कर दिया. (आज तक)


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