मुजफ्फरनगर साल 2012 के विधानसभा चुनावों में मुजफ्फरनगर विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई थी लेकिन इस बार उसने यह सीट BJP के हाथों गंवा दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का यह इलाका बीते काफी समय से सांप्रदायिक तनाव की वजह से सुर्खियों में रहा है और यहां के हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि मुजफ्फरनगर विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन ने गोली चलाकर जश्न मनाने सहित विजय जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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मुजफ्फरनगर में BJP समर्थकजिलाधिकारी निखिल चंद चतुर्वेदी ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए गोली चलाकर जश्न मनाने समेत सभी प्रकार के विजय जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया है । मंगलवार को हुई मतगणना को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई थी। विधानसभा उपचुनाव में BJP के कपिल अग्रवाल, समाजवादी पार्टी के गौरव स्वरूप, कांग्रेस के सलमान सईद और शिव सेना के पंकज भारद्वाज समेत 20 उम्मीदवार मैदान में थे।

मतगणना में BJP उम्मीदवार को विजयी घोषित किया गया। उल्लेखनीय है कि शामली जिले के कैराना शहर में आठ फरवरी को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा गोली चलाकर मनाए गए जश्न के दौरान आठ साल के एक लड़के की मौत हो गई थी।
2014 के लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर BJP ने जीत दर्ज की थी। यह चुनाव मुजफ्फरनगर के दंगों के ठीक बाद हुए थे जिसमें 60 लोग मारे गए थे और हजारों बेघर हुए थे। सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी की सरकार ने BJP पर भड़काऊ भाषणों और अफवाहों के जरिए मतदाताओं के ध्रुवीकरण का आरोप लगाया था। (नवभारत टाइम्स)

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