सोशल मीडिया पर पैगंबर मुहम्मद साहब के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट से फैली हिंसा को भड़का कर कुछ राजनितिक पार्टियो ने हिंसा को और भडकाने की कोशिश की. बावजूद इसके दोनों समुदायों की सूझ-बुझ ने इसे कामयाब नहीं होने दिया.

हफ्ते भर पहले हुई हुई बशीरहाट हिंसा में सौ से ज्यादा दुकानें और मकान क्षतिग्रस्त हो गए. इनमें हिंदुओं की भी दुकान और मकान शामिल है. ऐसे में हिंदू भाइयों के रोजगार को फिर से शुरू करवाने के लिए मुस्लिम भाई आगे आकर मदद कर रहे है. इसके लिए वे उन्हें पैसे भी बाँट रहे है.

मस्जिदपारा, भयाबला, चप्पापारा और बशीरहाट के अन्य इलाकों के मुस्लिम करीब 2000 रु की मदद देकर हिंदू भाइयों की मदद कर रहे है. मदद करने वालों में शामिल इरशाद ने कहा कि यह हल्का फुल्का वादा नहीं है.

उन्होंने कहा, हमने स्थानीय दुकानदारों से कहा है कि जितना लगेगा उतना देंगे. 2 लाख या 5 लाख. हम उनकी मदद करेंगे. चाहे इसके लिए पैसा इकट्ठा करना पड़े या उनके घाटे की भरपाई के लिए सबस्क्रिप्शन जुटाना पड़े. जो कुछ हुआ, हो गया अब घबराने की जरूरत नहीं. न कोई गलत ख्याल रखना है.

बशीरहाट के वार्ड नंबर 14 के पार्षद बाबू गाजी ने कहा, ‘यह फैसला हुआ है कि हिंदू और मुस्लिम साझा समूह में रात के दौरान गश्त करेंगे और पड़ोस के साथ-साथ धार्मिक स्थानों पर नजर रखेंगे. बाहरी लोगों को इलाके में नहीं आने दिया जाएगा. दोनों समुदायों के बाहरी लोगों की दंगा भड़काने में अहम भूमिका है.’


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