मुसलमानों से एक बेहद संजीदा अपील करते हुए बरेली की दरगाह-ए-आला हजरत के सज्जादानशीन ने कहा है की महिलाओं का मजारो पर जाना नाजाएज़ है इसीलिए मुस्लिम परिवारों को चाहिए की अपने घरो की महिलाओं को मजारो पर जाने से रोके. गौरतलब है की आजकल हाजी अली दरगाह पर महिलाओं के जाने को लेकर देशभर में चर्चाओ का माहौल बना हुआ है.

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सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के मरकज दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मौलाना अहसान रजा कादरी ने कहा कि शरीयत महिलाओं को दरगाह पर हाजिरी की इजाजत नहीं देती. उन्होंने आगे कहा इसके लिए आला हजरत ने फतवा भी जारी किया है. महिलाओं की हाजिरी को नाजायज करार दिया है.

आला हजरत ने इस पर किताब भी लिखी है, जिसमें दरगाह आने से रोकने की वजहें भी साफ की हैं. दरगाह पर तीन बड़े उर्स होते हैं। तीनों के पोस्टर में महिलाओं से नहीं आने की अपील की जाती है। उसका असर भी होता है. इस सिलसिले में अल्लाह के रसूल की हदीस भी है.

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सज्जादानशीन कहते हैं कि इस्लाम दुष्कर्म को ही जुर्म नहीं मानता बल्कि उसके रास्तों को भी बंद करता है। पर्दा और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं का जाना सही नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि मुबंई उच्च न्यायालय के महिलाओं के प्रवेश संबधी आदेश के खिलाफ मामला यदि उच्चतम न्यायालय में जाता है तो वहां बहस के लिए अपना वकील खड़ा करेंगे.

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