मुंबई: आतंकी संगठन आईएसआईएस के बढ़ते प्रभाव को ख़त्म करने के लिए मुंबई के मुस्लिम समुदाय ने अब कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुस्लिम नौजवान इस आतंकी संगठन के झांसे में ना आए इसलिए टास्क फ़ोर्स बनाने का निर्णय मुस्लिम संस्थाओ ने लिया है। यह टास्क फ़ोर्स मुस्लिम नौजवानों को आईएसआईएस की गतिविधियों से बचाने के लिए जागरूक करेगा और साथ ही यह बताने की कोशिश भी करेंगा की आईएसआईएस इस्लाम विरोधी है।

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हाल ही में गए मुंबई के मालवानी का लड़का रियाज इसका सबसे बड़ा उदहारण है। वहीं पुणे की लड़की का भी आईएसआईएस के एजेंट ने माइंडवाश कर दिया था। इस टास्क फ़ोर्स के रेडार पर वह लोग होंगे जो युवाओ को रैडीकलाइज़ कर भटका रहे है। यह टास्क फ़ोर्स लोकल स्तर पर गठन की जाएंगी। कॉलेज और स्‍कूल में जाकर युवाओं को आईएसआईएस के खिलाफ उन्हें समझाया जाएगा। जानकारों का कहना है कि ऐसा कहीं इस्लाम में नही लिखा है कि किसी के गले पर चाक़ू रख दो। यह एंटी इस्‍लाम है जो लोग ऐसा करते है वो बहुत ही गलत है। हम बंदूक और असलहों से नहीं बल्कि युवाओं को समझाएंगे। इस टास्क फ़ोर्स में क्षेत्र के बुद्धिजीवी लोग, कॉलेज, स्‍कूल के अभिभावक संगठन के सदस्य और डॉक्टर आदि लोग शामिल होंगे। यह टास्क फ़ोर्स मुस्लिम इलाकों में घूमकर उन लोगों का पता लगाएंगी, जो आतंकी संगठन का और उसके विचारों का प्रसार प्रचार करते है।

आपको बता दे कि आईएसआईएस का जाल देश में फैलता जा रहा है और इसका ताज़ा उदाहरण कल्याण और मलाड में देखने को मिला है, जहां मुस्लिम युवाओं की आतंकी संगठन में शामिल होने की खबर सुर्ख़ियों में थी। इसके अलावा हाल ही में नागपुर एयरपोर्ट पर एटीएस ने तेलंगाना के तीन लड़कों को हिरासत में लिया था, जो इस संगठन से जुड़ने ले लिए घर से भागे थे और श्रीनगर जाने की फिराक में थे। इसके अलावा जयपुर से एक सरकारी कर्मचारी को पकड़ा गया था जो आईएसआई का एजेंट था। इन सभी घटनाओं को देखते हुए इस टास्क फ़ोर्स को बनाया गया है। इस टास्क फ़ोर्स की एक ख़ास बात यह भी की इस में महिलाएं भी है। जो कविताओ के ज़रिये भटके युवाओं को असलियत से रूबरू कराएंगी। साभार: न्यूज़ 24


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