2e428328-cf09-4b5a-934b-ba5050480380नई दिल्ली 6 अप्रैल 2016 (प्रेस विज्ञप्ति) असम में आयोजित होने वाले हाल के विधानसभा चुनाव में सांप्रदायिक दलों खास तौर से भाजपा की राजनीतिक चाल से राज्य के अल्पसंख्यक मुसलमानों को चेताते हुए ऑल इंडिया तंज़ीम उलेमाए हक़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुहम्मद एजाज़ उर्फ़ी क़ासिमी ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि भाजपा और उसकी हमनवा दूसरी सांप्रदायिक राजनीतिक दलों ने आजादी के बाद से ही एक संगठित नीति के तहत असम के मुसलमानों को बांग्लादेशी घुसपैठ के नाम पर उनको जमीन से बेदखल करने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है, ऐसे में हमें इस विधानसभा चुनाव में धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के हाथों को मजबूत करना और एकजुट होकर उनके पक्ष में सौ प्रतिशत मतदान करना होगा, तभी साम्प्रदायिक पार्टियों को धूल चटाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने महंगाई कम करने, युवाओं को रोजगार देने और विदेशों से काला धन वापस लाकर प्रत्येक व्यक्ति के खाते में पंद्रह पंद्रह लाख डालने के झूठे वादे करके 2014 के संसदीय चुनाव में जीत दर्ज करके केंद्र में सत्ता हासिल की है, उसके प्रतिनिधि अपने संघी आकाओं के इशारे पर असम में भी भाग दौड़ कर रहे हैं और यहां के भोले जनता को वादों का सब्ज़ बाग़ दिखाकर यहां भी सत्ता हथ्याना चाहते हैं, मगर मुझे यहां की जनता की राजनीतिक अंतर्दृष्टि पे विश्वास है कि वह उन्हें खाली हाथ लौटा देंगे।

मौलाना उर्फ़ी क़ासिमी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन और लोकतांत्रिक आधार पर यहां की सारी जातियों और धार्मिक इकाइयों के साथ न्याय करने और देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को बचाए रखने में कांग्रेस पार्टी ने जितनी बलिदान दिया है, उसकी मिसाल इस देश की कोई और पार्टी नहीं दे सकती। उन्होंने कहा कि असम में बोडो और गैर बोडो जनजातियों के बीच अब तक जितने दंगे हुए हैं और इन दंगों की आड़ में केवल मुसलमानों को जानी और माली नुकसान उठाना पड़ा है, उस में सांप्रदायिक शक्तियों का ही हाथ रहा है जो उनकी भारतीय नागरिकता पर सवाल उठाकर असम के मुसलमानों का जीना दोभर  करना चाहते हैं। उन्होंने कहा असम में मुसलमानों की आबादी का अनुपात 35 प्रतिशत के करीब है, जो उम्मीदवारों की जीत और हार में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मौलाना कासमी ने कहा कि अगर हम ने इस चुनाव में राजनीतिक चेतना का प्रदर्शन नहीं किया और हम राजनीतिक दबाव या लालच में आकर विभिन्न गुटों में विभाजित हो गए तो यहां सांप्रदायिक पार्टी भाजपा को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता।

moulana kasmi

मौलाना कासमी ने भाजपा को लड़ाओ और राज करो की नीति का पालन करने वाली पार्टी करार दिया और कहा कि देश की जनता पिछले दो साल में भाजपा द्वारा खड़े किए गए सांप्रदायिक झगड़ों और इस देश की गंगा जमुनी तहजीब को नुकसान पहुँचाने वाली घटनाओं को अपनी आँखों से देखा चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में ही नहीं, बल्कि झारखंड, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा आदि जिन राज्यों में भी भाजपा सत्ता है, वहाँ हर क्षेत्र की हालत ख़राब है। भ्रष्टाचार चरम पर है। सांप्रदायिक दंगों की आग हमेशा दहकती रहती है और वहां के गरीबों, अल्पसंख्यकों और दलितों को दबाया और सताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश का भाईचारा बचाने, शांति बहाल रखने और राष्ट्रीय एकजुटता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसलिए हमें एकजुट होकर कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देना चाहिए ताकि यहां कांग्रेस के नेतृत्व में एक स्थिर सरकार अस्तित्व में आ सके और असम को सांप्रदायिक शक्तियों से सुरक्षित रखा जा सके । उन्होंने कहा कि असम में भी बिहार की तर्ज पर भाजपा हाई टेक प्रचार अभियान चला रही है और नरेंद्र मोदी व अमित शाह सहित पूरी भाजपा लॉबी यहां डेरा डाले हुए है, लेकिन उन्हें यहां भी बिहार की तरह हार का मुँह देखना  होगा।

प्रैस सैक्रेटरी, अरशद मुमताज़


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