लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चुनाव की दस्तक के साथ ही मुसलमानों को आरक्षण के लिए मांग फिर से शुरु हो गयी है। सरकारी नौकरियों में इंडियन मुस्लिम लीग ने 18 फीसदी आरक्षण की मांग को फिर से दोहराया है।
लीग ने समाजवादी पार्टी पर मुसलमानों पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि आरक्षण देने की जगह हमपर आतंकी संगठनों से जुड़े होने का आरोप लगाया जा रहा है।

और पढ़े -   जम्मू-कश्मीर के बाद अब कर्नाटक का भी होगा खुद का अलग झंडा और सिंबल

लीग के अध्यक्ष नजमुल हसन गनी ने सपा और भाजपा दोनों को आड़े हाथों लेते हुए मुसलमानों के साथ गलत रवैया अख्तियार किया और दोनों ही हमारे अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी हैं। भाजपा पर हमला बोलते हुए गनी ने कहा कि सबका साथ सबका विकास और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे अब हवा हो गये हैं।

काला धन सहित कई मामलों पर केंद्र सरकार पल्टी मारती दिख रही है। जबकि समाजवादी पार्टी ने बेगुनाह मुसलमान जोकि जेलों में बंद हैं छोड़ने का वादा किया था उसे भूल गयी। यही नहीं 27 फीसदी मुस्लिम पिछड़ा वर्ग का आरक्षण का वादा सपा भूल गयी है। (jantakiawaz)

और पढ़े -   उत्तर प्रदेश में शराबबंदी को लागू करना जनहित में नहीं: योगी सरकार

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE