देश में एक के बाद के मुस्लिमों की पीट-पीटकर हो रही हत्या से पूरा मुस्लिम समुदाय खौफजदा है. जिसके चलते समुदाय के लोग अपनी जान बचाने के लिए या तो घरों से नहीं निकल रहे है, या फिर से सुरक्षा के अजीबोगरीब तरीके अपना रहे है.

ताजा मामला अलीगढ़ का है. जहाँ रेलवे स्टेशन से एक 42 वर्षीय इंजिनियर को बुर्का पहन कर यात्रा करने के आरोप में हिरासत में लिया गया. हालांकि पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया. पुलिस के कहना है कि इजिनियर नजमुल हसन बुर्का पहनकर वह अपनी पहचान छुपाना चाहता था क्योंकि वह मुस्लिम लोगों को पीट-पीटकर मार डालने की खबरों से डरा हुआ था, क्योंकि वह भी एक मुस्लिम है.

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हसन ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि अपने बीमार रिश्तेदार की देखभाल करने के लिए उसे बार-बार दिल्ली जाना पड़ता है. उसने बताया कि अलीगढ़ स्टेशन पर उतरते वक्त जब वह गलती से एक शख्स से टकरा गया तो उस शख्स ने धर्म के नाम पर उसे बुरा-भला कहना शुरू कर दिया था. कई लोगों ने उस शख्स का साथ दिया और उसे शहर में न रहने देने की धमकी भी दी.

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हसन ने पुलिस को आगे बताया, ‘मैंने बल्लभगढ़ में जुनैद की पीट-पीटकर हत्या की खबर पढ़ी थी. मैं अपनी जिंदगी पर मंडरा रहे खतरे को लेकर डर गया, लेकिन यात्रा न करना मेरे लिए मुमकिन नहीं है. इसलिए मैंने बुर्का पहनकर यात्रा करने की सोची.’

एसएसपी राजेश पांडे ने कहा कि हसन के दावों की जांच करने के बाद उसमें कुछ गलत नहीं मिला. उन्होंने कहा, ‘जब हसन को जीआरपी को सौंपा गया, वह रोने के साथ-साथ कांप रहा था और कह रहा कि वह एक साधारण इन्सान है, उसने कुछ गलत नहीं किया.’

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