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मध्य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के किसानो की मदद के दावे खोकले साबित हो रहे हैं. राज्य में फसल बर्बादी और कर्ज का बोझ किसानो को अपनी जान से ज्यादा भारी लगने लगा हैं. जिसके कारण किसान मोत को गले लगाना आसान समझ रहे हैं.

राज्य के बड़वानी जिले में कर्ज के बोझ तले दबे किसान ने सल्फास खाकर खुदखुशी कर ली. किसान पर करीब दो लाख रुपए का कर्ज था. राजेंद्र की तबियत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.

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परिजनों ने के अनुसार राजेंद्र पर सोसायटी का करीब एक लाख 80 हजार रुपए का कर्ज था. कर्ज की अदायगी को लेकर वह काफी दिनों से परेशान था. इसी परेशानी के चलते उसने मौत को गले लगा लिया. पुलिस ने केस दर्ज कर पोस्टमार्टम के बाद राजेंद्र का शव परिजनों को सौप दिया.

प्रदेश के सागर, खंडवा, बैतूल, विदिशा, अलिराजपुर, देवास, रीवा, सीहोर आदि जिलों में सूखे, ओलावृष्टि की वजह से फसल बर्बाद होने और कर्ज के चलते दर्जनों किसान आत्महत्या कर चुके हैं.

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