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मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर एक शिक्षक ने दिवाली पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली. शिक्षक का नाम नोज पुत्र नारायण पुरोहित बताया जा रहा हैं.

मृतक शिक्षक मनोज सहायक शिक्षक प्राथमिक विद्यालय साजापुर में तैनात था. सुसाइड नोट में मनोज ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों ने उसे जुए के झूठे केस में गिरफ्तार किया. फिर थाने ले जाकर मारपीट की, बल्कि रिहाई के लिए रुपए की मांग की. नही देने पर उसे जूते भी चटवाए.

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शिक्षक ने अपनी जान देने से पहलेमुख्यमंत्री, कलेक्टर, एसपी सहित परिजनों के नाम लिखे अलग-अलग सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए पिछोर थाने में पदस्थ एसआई अरुण प्रतापसिंह भदौरिया, एएसआई जेपी पाराशर, दीवान शर्मा एवं जादौन, सिपाही रिंकू सहित कथित पत्रकार सचेन्द्र भट्ट उर्फ मोनू को जिम्मेदार ठहराया.

एएसपी मौर्य ने इस बारें में बताया कि आरक्षक रिंकू शाक्य सहित 6 के विरुद्ध धारा 306, 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. केस दर्ज होने के बाद परिजन मनोज की लाश थाने से अंत्येष्टि के लिए ले गए.

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