धार जिले में बसंत पंचमी के ठीक पहले कलेक्टर जयश्री कियावत का तबादला कर दिया गया है. उनकी जगह श्रीमन शुक्ल को धार का नया कलेक्टर बनाया गया है. खास बात है कि श्रीमन शुक्ल के ससुर और शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट के कद्दावर मंत्री नरोत्तम मिश्रा के पास ही धार जिले का प्रभार है.

राज्य सरकार ने मंगलवार को जारी नए तबादला आदेश में जयश्री कियावत का तबादला राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का संचालक बना दिया है. उनकी जगह गुना कलेक्टर श्रीमन शुक्ला को जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है.

दरअसल, धार जिले में कानून और व्यवस्था की स्थिति प्रदेश सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है. यहां इस बार बसंत पंचमी पर शुक्रवार होने की वजह से 2013 के हालात दोहराने की नौबत बनती दिख रही हे.

हिंदू संगठनों ने साफ ऐलान कर दिया है कि वह बसंत पंचमी के दिन नमाज के लिए भोजशाला का परिसर खाली नहीं करेंगे. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की व्यवस्था के मुताबिक, भोजशाला में हिंदुओं को बसंत पंचमी के दिन पूजा की, जबकि मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को नमाज की अनुमति मिली हुई है.

मौजूदा जिला कलेक्टर और एसपी अपने स्तर पर दोनों पक्षों से बातचीत कर चुके हैं. अभी तक किसी भी मसले पर आम सहमति नहीं बनी है. ऐसे में अब जिले के नए कलेक्टर के रूप में श्रीमन शुक्ल और प्रभारी मंत्री के रूप में उनके ससुर नरोत्तम मिश्रा पर बसंत पंचमी पर किसी के तरह के टकराव को रोकने का जिम्मा होगा.

‘धार’ पर भोजशाला, पूजा और नमाज को लेकर 2013 दोहराने का डर

मध्यप्रदेश के धार जिले में बसंत पंचमी पर एक बड़े टकराव की आशंका गहराती जा रही है. हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि बसंत पंचमी को पूरे दिन भोजशाला में पूजा-अर्चना की जाएगी. उन्होंने साफ कर दिया है कि नमाज के लिए भोजशाला परिसर को खाली नहीं किया जाएगा.

दरअसल, दोनों ही पक्ष भोजशाला पर अपना हक जताते हैं और यह मामला कोर्ट के सामने विचाराधीन है. आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया(एएसआई) के पास इसकी देखरेख का जिम्मा है.

एएसआई ने हिंदुओं को मंगलवार व बसंत पंचमी पर प्रवेश की अनुमति दी है. मुसलमानों को शुक्रवार को इस जगह पर आने की व्यवस्था की गई हैं.

इस बार भी बसंत पंचमी और शुक्रवार एक दिन होने की वजह से जिला प्रशासन और पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. हिंदू संगठन से जुड़े अशोक जैन ने एक मीडिया इंटरव्यू में साफ कर दिया है कि वह बसंत पंचमी को दिनभर भोजशाला में पूजा करेंगे और नमाज के लिए जगह खाली नहीं की जाएगी.

वहीं, मुस्लिम समुदाय का कहना है कि बातचीत के जरिए दोनों पक्षों के बीच आम सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, अभी तक कोई सकारात्मक संकेत दोनों ही पक्षों से मिलते नहीं दिख रहे है.

वर्ष 2013 में भी बसंत पंचमी और शुक्रवार एक दिन आने पर धार में भारी उपद्रव हुआ था. हिंदुओं के जगह छोड़ने से इनकार करने पर पुलिस को हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज करना पड़ा था.

इस बार हालात बिगड़ने से बचने के लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन अभी से कोशिश कर रहा है.

जिले के प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी पिछले दिनों कहा था कि समन्वय के जरिए आम सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी. हालांकि, आम सहमति नहीं बनने की स्थिति में हालात से निपटने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के अफसरों ने अभी से रणनीति बनाना शुरू कर दी है. साभार: न्यूज़ 18


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

Related Posts

loading...
Facebook Comment
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें