12वीं बोर्ड की परीक्षा में जातिगत आरक्षण के प्रश्न को लेकर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है. विधानसभा में विपक्ष से तीखी बहस के बाद शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी ने इस मामले में जांच के निर्देश दे दिए हैं.

दरअसल, माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा का हिंदी पेपर 5 मार्च को हुआ था. इस पेपर में 10 अंक के प्रश्न नंबर 28 (अ) में पांच विषयों पर 200 शब्दों में निबंध लिखने थे. इन्हीं विकल्पों में से एक ‘जातिगत आरक्षण देश के लिए घातक’ विषय था. इस पर आरक्षित वर्ग से जुड़े कर्मचारी और छात्र संगठनों ने आपत्ति जताई है. वहीं, प्रदेश में कई स्थानों पर संगठनों ने प्रदर्शन भी किया गया.

12वीं की परीक्षा में आरक्षण के सवाल पर एमपी विधानसभा में हंगामा, सरकार ने दिए जांच के आदेश

विपक्षी विधायकों के सवाल पर स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी ने कहा है कि, जल्द ही इस मामले की जांच कराई जाएगी. जिसके बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

खास बात यह है कि 5 मार्च को पेपर हो जाने के बाद 7 मार्च को प्रदेश में इस बपर बवाल हुआ है. बताया जा रहा है कि प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी के पास उत्तरप्रदेश के किसी व्यक्ति का फोन आया था. जिसने उनसे इस बारे में सवाल किए थे. (pradesh18)


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