जोधपुर। भादवासिया में पिछले 15 दिनों से शराब की दुकान खोलने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे निवासियों ने अब दमकी दी है कि अगर दुकान नहीं हटाई गई तो वे इस्लाम अपना लेंगे।

जिला कलेक्टर की एक टीम ने प्रदर्शनकारियों से बात करने की कोशिश की पर उनमें से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं। उनकी पहली और आखिरी इच्छा यही है कि उनके क्षेत्र से शराब की दुकान खोलने की योजना कैंसल कर दी जाए।

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भादवासिया के निवासी अशोक ने कहा कि हम डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के अनुनायी हैं और ‘शराब-बंदी’ के चैंपियन हैं। हम अपने इलाके में इस दुकान को खोलने की अनुमति नहीं देंगे। अगर प्रशासन कदम नहीं पीछे नहीं लेता तो प्रदर्शन के तौर पर हम सब अपना धर्म परिवर्तन कर लेंगे और इस्लाम अपना लेंगे।

वहीं दूसरी तरफ, डिस्ट्रिक्ट एक्साइज़ ऑफिसर राजवीर सिंह यादव ने कहा कि हमारी टीम उस जगह पर गई। हमें पता चला कि दुकान को नियमों और शर्तों को पूरा करने के बाद ही परमिट दिया गया है।

यादव ने कहा कि हमने उन्हें बताया कि यह दुकान सारे जरूरी मापदंडों को पूरा करती है, पर वे लोग टस से मस नहीं हुए। हम उनसे फिर एक बार बात करेंगे। संत रविदास कॉलोनी के निवासियों ने एक जनमत संग्रह करवाने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि 51% से ज्यादा लोग शराब की दुकान खोलने के विरोध में होंगे पर यादव का कहना है कि चूंकि दुकान इस साल आवंटित की गई है इसलिए जनमत संग्रह के बारे में अगले साल ही सोचा जा सकता है।

शराब की दुकानों के लिए मिले नए आवंटनों से स्थानीय लोगों में असंतोष आ गया है। राज्य के कई जगहों पर लोग इसी तरह से शराब की दुकानों के खुलने का विरोध कर रहे हैं।

दुकान की लोकेशन का चुनाव लाइसेंस होल्डर की जिम्मेदारी होती है। यह चुनाव एक्साइज़ डिपार्टमेंट द्वारा दिए गए नियम और शर्तों के हिसाब से होना चाहिए, पर इसके बावजूद कई दुकानों की लोकेशन के चुनाव में इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है। बल्कि, एक्साइज़ डिपार्टमेंट खुद कई दुकानों की लोकेशन नियमों के उल्लंघन के चलते बदल चुका है। (NBT)


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